जालंधर में दस साल के बच्चे का दूरबीन से निकाला गाल ब्लैडर, लोगों का विश्वास जीतने में जुटा सिविल अस्पताल

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 सिविल अस्पताल लोगों का विश्वास जीतने के लिए पुरजोर प्रयास करने लगा है। डाक्टर कोरोना का खतरा कम होने के बाद अस्पताल में मरीजों को बेहतरीन सेवाएं मुहैया करवा बिगड़ी छवि सुधारने में जुट गए है। अस्पताल में पहली बार मुफ्त दस साल के बच्चे का दूरबीन से पित्ताशय निकालने का सफल आपरेशन किया। अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. परमिंदर कौर का कहना है कि पिछले सप्ताह लद्देवाली इलाके में रहने वाले दस साल के जय कालिया के पेट में काफी दर्द हुई थी। उसके परिजन उसे सिविल अस्पताल में लेकर पहुंचे। बच्चे को उलटियां भी हो रही थी और दर्द की वजह से काफी चिल्ला रहा था। डा. राजीव शर्मा डाक्टरों की टीम ने जांच पड़ताल व अल्ट्रा साउंड स्कैन की। इस दौरान उसके पित्ताशय में पत्थरियां होने की बात सामने आई। बच्चे का दूरबीन तकनीक से पत्ता निकालने का फैसला किया। परिजनों की सहमति से डा. राजीव शर्मा ने बच्चे का करीब आधे घंटे में ही दूरबीन का आपरेशन कर पित्ताशय निकाल दिया। डा. शर्मा ने कहा कि बच्चों के पित्ताशय में पत्थरियां होने के काफी कम मामले सामने आते रहती है। खून की कमी या फिर जैनेटिकली पत्थरी हो सकती है। निजी अस्पताल में इस आपरेशन का खर्च करीब 40 हजार रूपये है, जो सिविल अस्पताल में बिल्कुल मुफ्त किया गया। बच्चों के एक दिन बाद अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया और वह स्वस्थ्य है।

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