रोजगार के लिए आवेदन करने से पहले इन वेबसाइटों की प्रामाणिकता की जांच कर लें।

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कुछ धोखेबाज रोजगार की ऑनलाइन पेशकश करते हुए सरकारी और कारपोरेट संगठनों के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। रोजगार के लिए आवेदन करने से पहले इन वेबसाइटों की प्रामाणिकता की जांच कर लें।

आजकल लोगों के पास लगातार काॅल आ रहे है किसी को क्रेडिट कार्ड के लिमिट बढ़ाने को लेकर और किसी को स्कीम के नाम पर। हर रोज कुछ न कुछ लोग इन चक्करों में फंसकर अपने मेहनत और खुन पसीने की कमाई लूटा लेते है। शातिर किस्म के लोग इनकों लालच देखर लिंक पर क्लिक करने को कहते है और लिंक क्लिक करते ही बैंक अकाउण्ट से जमा पूंजी गायब हो जाते है।

उसके बाद लाख कोशिश करें पैेसे का वापस मिलना संभव नहीं हो पाते है। यहाँ पर यह कहना भी ठीक होगा की सरकार इस पर कोई प्रभावी तरीके से एक्शन लेने मे नाकामयाब रही है। क्योंकि अगर किसी मोबाईल से फोन किये जाते है तो निश्चित ही उसके लिए कोई न कोई कागज जरूर जमा करवाये गये होंगे। अगर ऐसा नहीं गया है तो टेलीकाम कंपनी से इसकी वसूली की जानी चाहिए। लेकिन सरकार ऐसा नही कर रही है जिसके कारण लगातार साईबर क्राईम की मामले बढते जा रहे है। इसके अलावा वेवसाईट बनाने में भी डोमेन का इस्तेमाल किया जाता है। जिसके लिए कंपनी को पैमेंट किए जाते है।

आजकल शहर के बड़े बड़े अखबार में ऐड किये जाते है और उसमें वेवसाईट के नाम छपे होते है। आखिर कोई न कोई तो उस ऐड का पैसा दिया होगा। अखबार को भी ऐसे लोंगों के ऐड चलाने से पहले चौकन्ना रहना चाहिए। अखबार में दिये गए वेवसाईट की लिंक और फिर आने वाले ओटीपी से सारा काम हो जाते है। लोग भी आजकल जल्दी में है और बिना कुछ किए मिनटों में करोड़पति बनने की सपना देख रहे है। खासकर मोबाईल पर आने वाले लिंक आजकल सबसे बड़े समस्या की तरफ उभरा है जिसें नियंत्रिक करना साईबर क्राईम के बूते की बात नही है।

सुमित जांगीड लिखते है : मेरे पास रोज फोन आते है क्रेडिट कार्ड लिमिट अपग्रेड करवा लों। पुलिस को पता करना चाहिए कि आखिर कौन है जो हमारे डाटा को लिक कर रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए।

सुजित मिश्रा लिखते है : मैं ऐसी ही एक वेब साइट में फस गया और मेरे साथ 500 रुपये का फ्रॉड हो गया। मेने शूज ऑर्डर किये पेमेंट भी किया पर मुझे आज तक कोई आर्डर प्राप्त नही हुआ न ही कोई कंपनी से मेसेज आया। मेरी समस्या पर ध्यान देकर इसे तुरंत हल करने का कष्ट करें।

खालिद खान : कुछ लोग e कंमर्स वेबसाइट बनकर लोगो को ठग रहे है। उन पर भी कार्यवाही की जानी चाहिए।

प्रवीण कुमार: आम आदमी असली नकली वेवसाईट कि पहचान कैसे करे ? बहुत ही वाजिब सवाल है।

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