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परीक्षा

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
पंडित नारायण दास के आश्रम में दूर-दूर से विध्दार्थी पढ़ने आते थे। वे अत्यंत कुशल आचार्य थे। उनकी मात्र एक पुत्री थी जिसे ने बहुत प्यार करते थे। एक दिन पंडित जी के मन में यह विचार आया- मैं अपने शिष्यों की परीक्षा लेकर देखूं कि इनमें से किसने मेरी शिक्षा आत्मसात किया है ? Read More

शत्रु की सेवा

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
यह उन दिनों की बात है जब अमेरिका में दास प्रथा जोरों पर थी। वहां बेकर नामक एक दास था । जो अपनी लगन, मेहनत और स्वमिभक्ति के कारण अपने मालिक का विश्वासपात्र वन गया था। एक दिन जब  उसने अपने मालिक से एक वृध्द एवं निर्बल दास को खरीदने की प्रार्थना की। बेकर का Read More

दुर्गध

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
अवंतिका देश का राजा रवि सिंह महात्मा आशुतोष पर  बड़ी श्रद्धा-भक्ति रखता था। वह प्राय: उनसे मिलने के लिए वन में स्थित उनकी कुटिया पर भी जाता था रिव सिंह हर बार महात्मा को राजमहल आने का निमंत्रण देता लेकिन महात्मा आने से मना कर देते। एक दिन रवि सिंह ने जिद पकड़ ली। तब Read More

ईमानदार चरवाहा

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
प्रसिद्ध सूफी संत उमर अपने पास आने वाले शिष्यों और आगंतुकों की परीक्षा लेते थे। वे उत्तर देने में उन्हें थोड़ी परेशानी होती थी। फिर संत उमर स्वयं उसका समाधान करते थे इसके पीछे संत उमर का उद्धेश्य परोपकार या लोकहित का संदेश देना होता था। एक बार उमर बगदाद स्थित अपने ठिकाने से जंगल Read More

नीति और धर्म

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
महाभारत के समय की बात है । कौरवों और पांडवों में घमासान युध्द हो रहा था । कर्ण ने धनुर्धर अर्जुन को मारने की शपथ ले रखी थी । कर्ण बाण पर बाण चला रहा था । एक बार जब उसका बाण  अर्जन की ओर आया तो श्रीकृष्ण ने रथ को नीचे झुका दिया । Read More

दुष्कर्म का फल

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
भरतपुर गाँव में एक वैद्ध रहता था ।औषधि लेने के लिए प्राय: लोग उसके पास आते रहते थे ।लेकिन उसकी दवा के दैरान दो –तीन लोगों की मौत हो जाने के कारण अब उससे गाँव का कोई भी व्यक्ति इलाज नहीं करवाता था । ऐसी स्थिति में वैद्ध ने असपास के गाँव के रोगियों का Read More

सच्ची सीख

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
एक बार गुरू नानक देव अपने कुछ शिष्यों के साथ लाहौर गए । वहां यब नियम था । कि जिस व्यक्ति के पास जितनी  अधिक धन संपत्ति होती थी, वह अपने घर के ऊपर उतने ही झंडे लगाता था उस समय लाहौर में दुनीचंद नामक व्यक्यि सबसे अधिक धनी और समृध्द था उसके पास लगभग Read More

सीखने की उम्र

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
यह उस समय की घटना है जब हमारा देश अंग्रेजों का गुलाम था। महाराष्ट्र के एक गांव की पाठशाला का निरीक्षण करने के लिए वहां के निरीक्षक पहुंचे। उनका नाम था-विनायक। वहां के बच्चों को अग्रेंजी और मराठी में पढ़ा रहे थे। उन्होंने एक अधेड़ शिक्षक से पूछा,” आप बच्चों को अंग्रेजी और मराठी में Read More

कर्तव्य

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
भारत के एक प्रसिध्द संन्यासी यूरोप प्रवास के दौरान फ्रांस में थे। वहां उनकी मेजबान महिला ने उन्हें देश में भ्रमण कराने के लिए एक फिटन (घोड़ागाड़ी) किराये पर ली और दोनों पेरिस से बाहर एक गांव की ओर बढ़ने लगे। मार्ग में कोचवान ने फिटन एक जगह रोकी और नीते उतरा। मेजबान महिला ने Read More

सच्ची सहीष्णुता

5 months ago Vatan Ki Awaz 1
यूनान के महान दार्शनिक की पत्नी बड़ी झगड़ालू थी। वह छोटी-छोटी बातों पर भी सुकरात से लड़ने लगती और उन्हें  बुरा-भला कहती। लेकिन सुकरात हर परिस्थिति में शांत और स्थिर बने रहते। उनकी पत्नी को सुकरात की पढ़ने की आदत से खास तौर से चिढ़ती थी। जब भी सुकरात कोई पुस्तक उठाते, वह बड़बड़ाने लगती,“ Read More
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