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सूरज और अंधकार

4 months ago Vatan Ki Awaz 0
एक बार अंधकार ने भगवान के पास जाकर शिकायत की,” भगवन्! यह सूरज मेरे पीछे बुरी तरह से पड़ा है। मैं इससे बहुत परेशान हूं। यह व्यर्थ में मेरा पीछा करता रहता है। मैं थोड़ी देर भी विश्राम नहीं ले पाता कि सूरज मुझे भगा देता हैं। हजारों वर्षों से ऐसा ही होता आ रहा Read More

कर्तव्य की श्रेष्ठता

5 months ago Vatan Ki Awaz 1
एक वकील थे। उनकी वकालत खूब चलती थी। एक बार वे एक हत्या का मुकदमा लड़ रहे थे, तभी गांव में उनकी पत्नी बिमार हो गई। बिमारी गभीर थी, इस कारण वकील साहब गांव पहुंच गए। वे अपनी पत्नी की देखभाल में लगे हुए थे, तभी मुकदमे की तारीख पड़ी। वकील साहब चिंता में पड़ Read More

जीवन की चुनौती

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
पुराने समय की बात है। किसी गांव में एक बुढ़िया रहती थी। वह अत्यंत विपन्न थी। उसका पति लंबे समय से किसी लाइलाज बीमारी से जूझ रहा था। वह दिन-रात उसकी सेवा करती तथा मेहनत कर अपना और अपने पति का भरण-पोषण करती थी। गांव के लोग उसकी दशा पर मौखिक सहानुभूती व्यक्त करते थे Read More

संवेदनशीलता

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
संवेदनशीलता संवेदनशीलता मानव को मिली एक अमुल्य वस्तु है । किसा भी क्षेत्र की ऊँचाई पर पहुँचे मनुष्य के भीतर संवेदनशीलता का सागर अवश्य होता है- चाहे वह कवि,लेखक चित्रकार,समाज सुधारक या कोई संत ही क्यों न हो ? इटली के असीसी शहर निवासी संत फ्रांसिस का जीवन भी ऐसा ही था। उनका जन्म बारहवी Read More

सबसे बड़ा मूर्ख

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
भौतिक उपलब्धियां जीवन में चाहे जितनी महत्वपूर्ण लगें, अंत में उनका मूल्य नगण्य ही सिध्द होता है। मृत्यु की तलवार धनी-निर्धन तथा ज्ञानी-मूर्ख-सब  पर समान रूप से चलती है। उसी व्यक्ति का जीवन सफल कहा जा सकता है जिसको अंत में सुख और आत्म-संतुष्टि प्राप्त होती है। उस अंतिम क्षण में सारे जिवन का हिसाब-किताब Read More

इंसानियत

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
किसी शहर के समीप एक होटल था जिसका मालिक लालचंद अत्यंत सज्जन और दयालु था। होटल से उसे अच्छी आमदनी हो जाती थी जिससे उसका गुजारा चल जाता था। घर परिवार में उसका कोई नहीं था। मां-बाप बहुत पहले चल बसे थे। भाई-बहन भी नहीं थे और उसने विवाह किया ही नहीं था। लालचंद की Read More

ज्ञान की कीमत

5 months ago Vatan Ki Awaz 1
एक युवक विवाह के दो साल बाद परदेश जाकर व्यापार करने की इच्छा अपने पिता से जाहिर करता है । पिता ने भी इस बात की स्वीकृति दे देता है। वह अपनी गर्भवती पत्नी को माँ बाप के जिम्मे छोड़कर व्यापार करने चला जाता है । परदेश में मेहनत से बहुत धन कमाया और वह Read More

विवेक का प्रयोग

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
जापान के किसी गांव में एक समुराई बूढ़ा योध्दा रहता था। उसके पास कई युवा समुरई युध्दकला का प्रशिक्षण लेने आते थे। एक बार एक विदेशी  योध्दा उसे पराजित करने के लिए आया। बल के साथ ही विरोधी की कमजोरी भुलाने की उसमें अद्भुत क्षमता थी।  वह हमेशा विजयी होकर लौटता था। जब विदेशी योध्दा Read More

आत्मनिर्भरता

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
चंद्रपुर के राजा की मृत्यु के बाद उसके पुत्र सौरभ को राजगद्धी मिली। युवा सौरभ बेहद परेशान था। वह समझ नहीं पा रहा था कि किसका विश्वास करे और किसका नहीं। उसे राज-काज चलाने में काफी परेशानी हो रही थी। एक दिन वह अपने महल के सबसे ऊपरी स्थान पर खड़ा था। तभी अचानक उसकी Read More

डाकू और संत

5 months ago Vatan Ki Awaz 0
डाकूओ का एक सरदार संत का वेश बनाकर रहता था किंतु काम डाका डालने का करता था। उसके कई शिष्य थे। एक बार व्यपारियों  की एक टोली उसी रास्ते से गुजरी जहां डाकू रहते थे। डाकुओं ने सोचा कि आज तो घर बैठे ही शिकार मिल गया। डाकू घेरा डालकर उन्हें लगे। डाकुओं का सरदार Read More
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