Bitcoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर क्या है RBI का रुख? गवर्नर बोले- हमने सरकार को बता दिया है

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रिजर्व बैंक ने आभासी मुद्रा को लेकर सबसे पहले 2018 में एक सर्कुलर जारी किया था

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि बिटकॉयन जैसी आभासी मुद्रा को लेकर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और भारी उतार- चढ़ाव वाली इस मुद्रा को लेकर उसकी ‘‘बड़ी चिंतायें’’ हैं. मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस संबंध में पूछे गये सवाल पर दास ने कहा, ‘‘आरबीआई की स्थिति में इसको (आभासी मुद्रा को लेकर) लेकर कोई बदलाव नहीं आया है. इस संबंध में हमारा सर्कुलर स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करता है.

रिजर्व बैंक ने आभासी मुद्रा को लेकर सबसे पहले 2018 में एक सर्कुलर जारी किया था जिसमें लोगों को आभासी मुद्रा में निवेश को लेकर सावधान किया गया था. केन्द्रीय बैंक का कहना था कि इस मुद्रा की कोई सावरेन पहचान (सरकारी मान्यता) नहीं है. रिजर्व बैंक ने उसके नियमन के तहत आने वाली इकाइयों को इस तरह के किसी भी साधन में लेनदेन करने से रोक दिया था. लेकिन 2020 की शुरुआत में उच्चतम न्यायालय ने उसके सर्कुलर को खारिज कर दिया.

दास ने कहा कि इस संबंध में रिजर्व बैंक ने सोमवार को जो अधिसूचना जारी की है वह जरूरी हो गई थी क्योंकि कुछ बैंक अभी भी उस पुराने सुर्कलर का जिक्र कर रहे थे जिसे उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया था. इस लिए संशोधित अधिसूचना जारी की गई. दास ने कहा, ‘‘जहां तक रिजर्व बैंक की बात है (आभासी मुद्रा पर), मैं पहले भी कह चुका हूं, आभासी मुद्रा को लेकर हमारी बड़ी चिंतायें हैं और यह बात हमने सरकार को भी बता दी है.’’

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