वीडियो कॉल के जरिए Bhumi Pednekar ने बच्चों को दी सोशल डिस्टेंसिंग की क्लास

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भूमि पेडणेकर (Bhumi Pednekar) ने बच्चों के साथ वीडियो कॉल पर समय बिताया और उनकी सोशल डिस्टेंसिंग की क्लास की क्लास लेकर इसका मतलब समझाया.

नई दिल्ली: भूमि पेडणेकर (Bhumi Pednekar) अभ्योदय आश्रम का सपोर्ट करती रहीं हैं. यहां वह बीते सालों में कई बार विजिट कर चुकी हैं साथ ही यहां टॉयलेट और हॉस्टल भी बनवाने में मदद कर चुकी हैं. वहीं अब Coronavirus के कारण हुए Lockdown के समय में भूमि ने एक बार फिर यहां के बच्चों के साथ वीडियो कॉल पर समय बिताया और उनकी सोशल डिस्टेंसिंग की क्लास की क्लास लेकर इसका मतलब समझाया.

आपको बता दें कि यह आश्रम सामाजिक रुप से पिछड़े, अभावग्रस्त बच्चों के साथ ही पिछले तीन वर्षों में वेश्यावृत्ति से बाहर निकाली गईं लड़कियों के लिए एक घर और स्कूल है. घाटी में लड़कियों को वैश्यावृत्ति से बचाने के लिए मुरैना स्थित इस स्कूल की स्थापना 1992 में की गई थी और अब इसमें लड़कों के रहने की भी व्यवस्था की गई है. स्कूल बच्चों के लिए नौकरी के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाने के साथ ही उन्हें एक बेहतर भविष्य भी प्रदान कर रहा है.

भूमि ने अपनी फिल्म, टॉयलेट एक प्रेम कथा की ब्लॉकबस्टर सफलता और इसके देशव्यापी प्रभाव के बाद यहां शौचालय और एक छात्रावास का निर्माण कर इस संस्था के साथ खुद को जोड़ा. वर्तमान में भारत में कोरोनोवायरस जैसे संकट के समय में , जहां सोशल डिस्टेंसिंग, सेल्फ आइसोलेशन, और स्वच्छता बनाए रखना, कोविड 19 के प्रसार को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है, भूमि ने इस संस्थान के सैकड़ों बच्चों को शिक्षित करने के लिए अपना समय प्रदान किया है. भूमि प्रत्येक बच्चे के साथ वीडियो कॉल कर उन्हें संकट के इस समय में क्या करना है और क्या नहीं, इसके बारे में बता रही हैं, साथ ही वे उन्हें इसकी भी जानकारी दे रही हैं कि संक्रमित लोगों के लक्षणों को कैसे पहचाना जाए.

लॉकडाउन के इस समय में अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और भूमि को लगता है कि ऐसे समय में जब ये बच्चे संस्थान से बाहर नहीं निकल सकते, इन बच्चों के साथ समय बिताने से उनके जीवन में मानवीय संपर्क की एक परत जुड़ जाएगी. भूमि ने यहां के शिक्षकों से भी यह ध्यान देने और समझने को कहा कि बच्चे ठीक से कर रहे हैं या नहीं. इतनी ही नहीं वे इन बच्चों के माता-पिता से भी बात कर रही है और उन्हें बता रहीं हैं कि उन्हें अपने समुदाय के भीतर इस महामारी से कैसे लड़ना है.

भूमि कहतीं हैं कि इस विशाल देश के हर व्यक्ति के मन में सोशल डिस्टेंसिंग और सेल्फ आइसोलेशन को शामिल करने की जरूरत है, क्योंकि हमारे जैसे घनी आबादी वाले देश में ऐसी चीजें एक विशेषाधिकार हैं. वे कहतीं हैं, मैंने फैसला किया है कि मैं वीडियो कॉलिंग सुविधा के जरिए संस्थान के बच्चों, शिक्षकों और अधिकारियों से कोविड-19 और हम सभी पर मंडरा रहे इसके खतरों के बारे में चर्चा करूंगी.

अभिनेत्री ने कहा, मैं आश्रम के प्रत्येक सदस्य से बात कर रही हूं और इस संकट की घड़ी में उन्हें क्या करना है औऱ क्या नहीं, इसके बारे में बता रही हूं. मैं अपने करीबी और प्रिय लोगों को सुरक्षित और संरक्षित रखने की इच्छा रखती हूं और मुझे उम्मीद है कि वे इस संदेश को अपने समुदायों के भीतर फैलाएंगे. वर्तमान में खतरा अधिक है और हम सभी को कोरोनोवायरस से लड़ने और इसे आगे फैलने से रोकने के लिए अपना प्रयास करना होगा.

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