भारत नाम है एक सतत प्रवाह का। हजारों वर्षों पुरानी यह संस्कृति संवाद की सुंदर प्रक्रिया से होकर विकसित हुई है।

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भारत नाम है एक सतत प्रवाह का। हजारों वर्षों पुरानी यह संस्कृति संवाद की सुंदर प्रक्रिया से होकर विकसित हुई है।


श्रीकृष्ण कहते हैं- ‘अध्यात्मविद्या विद्यानां वादः प्रवदतामहम्।’
‘मैं विद्याओं में अध्यात्मविद्या हूँ, और सत्य निर्णय के लिये परस्पर वाद करने वालों के बीच किया जाने वाला वाद हूं।
हमने यह भी कहा ‘वादे-वादे जायते तत्वबोधो’ विचारों के अलग-अलग मार्गों से होते हुए ही सत्य तक पहुंचा जा सकता है। भारत की ‘संवाद संस्कृति’ की कड़ी में एक विनम्र प्रयास है- ‘प्रेरणा विमर्श -2020’। प्रेरणा जन संचार एवं शोध संस्थान तथा गौतम बुद्ध विवि के जन संचार विभाग के संयुक्त प्रयास से 7, 8, 9, फरवरी 2020 को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में इसका आयोजन किया जा रहा है।
‘विरसात’ नाम से हो रहे इस आयोजन का विषय (थीम) – ‘भारतीय संस्कृति और मीडिया’ है। समाज में विमर्श के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह काम मीडिया करता रहा है। भारत की संकल्पना मीडिया में कितनी स्पष्ट है और कितनी प्रतिविंबित होती है यह विचार का विषय है।


मीडिया काॅन्क्लेव, सोशल मीडिया काॅन्क्लेव और फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से तीन दिनों में इस विषय से जुडे विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में देश के मूर्धन्य चिंतक, प्रिंट-टीवी के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, पत्रकारिता के अध्यापक और विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।


तीन दिवसीय इस कार्यक्रम के साथ पत्रकारिता के छात्र-छात्राओं के लिए ‘नए भारत का मीडिया’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता और ‘पत्रकर प्रतिभा खोज परीक्षा’ का भी आयोजन किया किया जा रहा है। फिल्म फेस्टिवल के लिए ♦ भारतीय संस्कृति एवं युवा, ♦ नारी सशक्तीकरण एवं सुरक्षा, ♦ भारतीय धरोहर ♦ सामाजिक समरसता ♦ पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषय पर फिल्म एवं वृत्त चित्र मांगे गए हैं।


फिल्म फेस्टिवल, निबंध प्रतियोगिता और पत्रकार प्रतिभा खोज परीक्षा के सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगियों को सम्मान व पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके साथ ही महिला लेखकों और पत्रकारों का उनके लेखनी और रिपोर्ट के आधार पर सम्मान किए जाने की भी योजना है।


कार्यक्रम से एक दिन पूर्व 6 फरवरी को भारतीय संस्कृति और पत्रकारिता विषय से जुड़ी एक प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय परिसर में होगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम में भागीदारी करने के इच्छुक व्यक्ति पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के माध्यम से अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन 9 फरवरी को अपराह्न 3 बजे से है। यह सार्वजनिक कार्यक्रम रहने वाला है। इसमं् किसी पंजीकरण की आवश्यकता नहीं रहेगी।

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