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महाराष्ट्र👉 संकट पर अमित शाह का ठाकरे को🗣 जवाब

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महाराष्ट्र के सियासी संकट पर पहली बार गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपना बयान दिया है। उन्होंने इस मामले में राज्यपाल की भूमिका का भी बचाव किया है। शिवसेना के साथ मचे घमासान और उसके बाद दोस्ती टूटने पर उन्होंने कहा, हमें शिवसेना की नई शर्तें मंजूर नहीं थी। जहां तक सीएम पद का सवाल है तो पीएम मोदी और मैंने पहले ही कहा था अगर हम जीते तो देवेंद्र फडणवीस ही सीएम बनेंगे।

राज्यपाल की भूमिका पर उन्होंने कहा, ‘सरकार बनाने के लिए सभी को पूरा वक्त मिला। सरकार बनाने के लिए 18 दिन का वक्त था। इसके बाद ही राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई। सरकार बनाने के लिए इतना वक्त किसी राज्य को नहीं मिला।” अमित शाह ने कहा, ‘राज्यपाल ने विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद ही सभी पार्टियों को बुलाया। इसके बाद न शिवसेना, न एनसीपी और न ही हम बहुमत साबित कर सके। आज भी जिसके पास आंकड़े हों वही सरकार बनाए।’

अमित शाह ने उद्धव ठाकरे के आरोप पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘हम तो शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार थे। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैंने कई बार कहा था कि चुनाव जीतने बाद देवेंद्र फडणवीस ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। अगर इस पर आपत्ति थी, तो उसी समय कहना चाहिए था। अब वह नई शर्तों के साथ आ गए, जो कि नहीं मानी जा सकती थीं।’

गृहमंत्री ने कहा, आज भी अगर किसी के पास नंबर हैं तो वह जाकर सरकार बना सकता है। राज्यपाल किसी को भी मौका देने से मना नहीं कर रहे हैं। कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ वकील बच्चों की तरह बात कर रहे हैं। हमें सरकार बनाने का मौका नहीं दिया। वह तो 1 या 2 दिन मांग रहे थे, अब उन्हें पूरे छह महीने मिल गए हैं। राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाने के मुद्दे पर अमित शाह ने कहा, इस मुद्दे पर विपक्ष सिर्फ राजनीति कर रहा है।

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