अमित शाह ने बदरुद्दीन अजमल को बताया आधुनिक काला पहाड़

Spread the love

होम मिनिस्टर अमित शाह ने एआईएयूडीएफ के नेता बदरुद्दीन अजमल पर हमला बोलते हुए कहा है कि वह प्रदेश में ‘लैंड जिहाद’ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदरुद्दीन अजमल लैंड जिहाद कर रहे हैं। मैं आप लोगों को गारंटी देता हूं कि 5 साल बाद असम में कोई भी व्यक्ति लैंड जिहाद करता नहीं दिखेगा। मोरीगांव में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने बदरुद्दीन अजमल को आधुनिक काला पहाड़ करार दिया। उन्होंने कहा कि क्या राहुल गांधी और बदरुद्दीन अजमल असम को सुरक्षित रख पाएंगे? पिछले सप्ताह ही सरायघाट के युद्ध की जयंती थी। यह युद्ध असम के योद्धा लाचित बडफुकन के नेतृत्व में लड़ा गया था। उन्होंने सालों तक असम की भूमि को मुगलों से बचाने का काम किया था।

अमित शाह ने असम की अस्मिता का सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी यहां आते हैं और कहते हैं कि बदरुद्दीन अजमल असम की पहचान हैं, लेकिन असल में शंकरदेव, महादेव और लाचित बडफुकन असम की पहचान हैं। कांग्रेस भले ही कितने भी प्रयास कर ले, लेकिन हम बदरुद्दीन अजमल को असम की पहचान नहीं बनने देंगे। यह पहला मौका है, जब अमित शाह ने बदरुद्दीन अजमल पर लैंड जिहाद का आरोप लगाया है। साफ है कि आने वाले दिनों में असम के चुनाव में ध्रुवीकरण के मुद्दे देखने को मिल सकते हैं।

अमित शाह ने असम में रैली के दौरान बदरुद्दीन अजमल की तुलना काला पहाड़ से की और कहा कि वह आधुनिक काला पहाड़ हैं। दरअसल काला पहाड़ एक जनरल था, जिसने उड़ीसा और असम के बड़े इलाके में हमला किया था। कहा जाता है कि काला पहाड़ एक ब्राह्मण परिवार में पैदा हुआ था, लेकिन बाद में इस्लाम अपना लिया था।

वह बंगाल के ‘सुलेमान कर्रानी’ का सेनापति था। उसने ओडिशा के जगन्नाथ पुरी मंदिर में हमला किया था और भारी लूटपाट मचाई थी। यहां तक कि उसने मंदिर में पूजा भी बंद करा दी थी। इसके बाद काला पहाड़ ने असम के तेजपुर में हमला बोला और फिर कामाख्या मंदिर पर भी हमला किया था। काला पहाड़ को असम में एक आक्रांता और हिंदू पर अत्याचार करने वाले शख्स के तौर पर जाना जाता है।

%d bloggers like this: