वेंडर के साथ उसके परिवार को भी किया जाए फ्रि वैक्सीनेशन : श्याम किशोर गुप्ता

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रेहड़ी पटरी संचालक एसोसिएशन का एक और ट्वीट सामने आया है जिसमें रेहड़ी पटरी संचालएक एसोसिएशन के महासचिव श्री श्याम किशोर गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यानाथ को किया है। जिसमे श्री गुप्ता नें स्ट्रीट वेंडर, रेहड़ी पटरी संचालक, रिक्शा चालक और धोबी नाई , आटाे रिक्शा ड्राईवर के साथ-साथ उसके परिवार को भी वेक्सीनेशन करने की मांग किया है।

श्री गुप्ता ने कहा है कि अगर वेडर को वैक्सीनेशन कर दिया गया और उसके परिवार को नहीं किया गया तो ऐसे में खतरा तो बना ही रहेगा। जब प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री नें ऐलान कर दिया है कि सभी को फ्रि में वैक्सीनेशन किया जायेगा , तो नोएडा के सीएमओ इस बात से मना क्यों कर रहे है। आज सीएमओ साहब नें स्ट्रीट वेंडर के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है जिसमें उन्होंने कहा है कि सिर्फ वेंडर को ही लगेगा। लेकिन ऐसा उन्होंने क्यों कहा ये हम समझ नही पाये।

हम सभी जानते है कि रेहड़ी पटरी वाले, ड्राइवर , नाई , धोबी और भी कई तरीके के काम करने वाले सबसे ज्यादा लोगों के संपर्क में आते है। यह भी कहा जा सकता है कि यह लोग डोर-टू-डोर सेवा देने का काम करते है। काम करने के बाद घर जाते है। ऐसे में जरूरी है कि उनको भी वैक्सीनेट किया जाय और उनके परिवार को भी।

इस पहले भी रेहड़ी पटरी संचालक एसोसिएशन वेंडर के हक की आवाज उठाते हुए वेंडर के लिए फ्रि वेक्शीनेशन की मांग किया था जिसको प्रदेश के सरकार ने स्वीकार किया। इसके साथ ही कोरोना काल में दुकान बंद होने और लाॅक डाउन होने के कारण वेंडर के आर्थिक स्थिति को अवगत कराते हुए पत्र लिखा। जिसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री नें संज्ञान लिया और रेहड़ी पटरी और नित्य रोजगार करने वालों के लिए 1 हजार की सहायता राशी और राशन किट देने की घोषणा किया गया।

कितने लोगों को मिला और कितने को नहीं यह बात अभी सामने आने बांकि है लेकिन प्रधानमंत्री के द्वारा फ्रि वैक्सीनेसन की घोषणा के बाद काफी उत्साहित दिखे रेहड़ी पटरी संचालक एसोसिएशन के महासचिव श्याम किशोर गुप्ता और टाउन वेंडिंग कमेटी के महिला सदस्य अपर्णा शर्मा। उन्होनें कल शाम एक विडियों जारी किया जिसमें प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और सभी से इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील भी किया। लेकिन आज के सीएमओ साहब के फैसले से कही न कही उनको आहत पहुँची होगी। जिसके बाद फिर से वेंडर तथा उनके परिवार को फ्रि वैक्सीनेट करने की मांग किया है।

उनको उम्मीद है कि प्रदेश के योगी सरकार उनके बात को सुनेंगे और उनके सुझाव को मानेंगे। इसके साथ ही एक और मांग प्रदेश सरकार से किया गया है जिसमें वेंडर के एक साल की बांकि वेंडिंग जोन शुल्क को माफ करने की मांग किया गया। कोरोना लाॅक डाउन में बंद पड़े वेंडिंग जोन और बेरोजगार वेंडर की आवाज को उठाते हुए उनके समस्या को नोएडा प्राधिकरण और प्रदेश सरकार से साझा किया है। क्योंकि जीवन पटरी पर लौटने में टाइम लगने वाली है। दुकान चलाने के लिए पूंजी की जरूरत है। पिछली बार तो लोन ले लिया था जिसका किस्त भी भरना बांकि है। बच्चे स्कूल नही जा पायेंगे अगर स्कूल फिस नही दिया। मकान मालिक को समय से किराया चाहिए नही तो कमरा खाली करवा देंगे। परिवार के लोगों के लिए भोजन व्यवस्था भी करना है, अन्यथा क्या होगा हम सभी जानते ही है। ऐसे में वेंडिंग जोन शुल्क जमा करना एक और कारण बनेगा जिंदगी को बद से बदतर बनाने के लिए।

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