डायनामाइट से ध्वस्त होंगी शाहबेरी की सभी इमारतें

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\B- धारा-144 लगाकर बिल्डरों को डाला जाएगा जेल में

– अवैध बिल्डिंगों में रहने वालों को प्रशासन निकलवाएगा

– ग्रेनो अथॉरिटी के सीईओ ने एसएसपी-डीएम को भेजा पत्र

– 1498 अवैध इमारतों को अथॉरिटी ने किया है चिह्नित

एनबीटी न्यूज, ग्रेटर नोएडा

\Bशाहबेरी की सभी इमारतों को डानामाइट लगाकर ध्वस्त किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा (ग्रेनो) अथॉरिटी ने इसके लिए जिला प्रशासन से समय मांगा है। अथॉरिटी के सीईओ नरेंद्र भूषण ने इस बारे में एसएसपी और डीएम को पत्र लिखा है। बताया है कि जब भी जिला प्रशासन समय देगा, उसी दिन से कार्रवाई शुरू की जाएगी। बिल्डिंगों को ध्वस्त करने के लिए निजी एजेंसी को भी नियुक्त किया गया है। अवैध बिल्डिंगों में रहने वालों को सुरक्षित बाहर निकालने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। कार्रवाई से पहले धारा-144 लगाकर यहां निर्माण कराने वाले बिल्डरों को जेल भेजा जाएगा। ग्रेनो अथॉरिटी ने इलाके का सर्वे कराकर 1498 अवैध बिल्डिंगों को चिह्नित किया है। पिछले साल 17 जुलाई को शाहबेरी में 2 इमारतें गिर गईं थीं। इनके मलबे में दबने से 9 लोगों की मौत हुई थी।

\Bविदेशों की तर्ज पर ध्वस्त होंगी बिल्डिंग\B

अथॉरिटी के सीईओ ने बताया कि शाहबेरी इलाके में अवैध बिल्डिंगों को गिराने के लिए निजी एजेंसी को हायर किया गया है। ये एजेंसी ही डायनामाइट से इमारतों को एक-एक कर गिराएगी। पूरे प्लान के बारे में शासन और जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है। क्षेत्र में धारा-144 लगाकर इन बिल्डिंगों को खाली कराने के लिए कहा गया है। अथॉरिटी ने कहा कि जिस तरह से विदेशों में बिल्डिंगों को ध्वस्त किया जाता है, उसी तरह से एजेंसी यहां भी काम करेगी। जिला प्रशासन कार्रवाई शुरू करने के लिए समय बता दे, जिसके बाद कार्रवाई शुरू कराई जाए।

\B7 साल में तेजी बढ़ा अवैध निर्माण \B

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ नरेंद्र भूषण शाहबेरी में पर खुल कर बोले। उन्होंने कहा है कि शाहबेरी में बनी सभी इमारतें पूरी तरह अवैध हैं। पिछले 7 साल में शाहबेरी में बड़ी तेजी के साथ अवैध निर्माण हुए। सन 2011 से लेकर 2019 तक शाहबेरी की सैटेलाइट की इमेज अथॉरिटी के पास है। 9 साल पहले शाहबेरी पूरी तरह से जंगल था।

\Bये है कहानी शाहबेरी की

\Bग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने शाहबेरी की जमीन का अधिग्रहण किया था। किसानों को मुआवजा भी दे दिया गया, लेकिन इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने अधिग्रहण को रद्द कर दिया। अथॉरिटी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया दोबारा शुरू की तो यहां के किसान हाई कोर्ट चले गए। हाई कोर्ट ने शाहबेरी क्षेत्र में स्टेटस-को (एक तरह से स्टे) ऑर्डर जारी कर दिया। फिर भी शाहबेरी के किसानों ने इसे नहीं माना और बिल्डरों को जमीन दे दी। इसके बाद यहां 1498 इमारतें बनकर खड़ी हो गईं। अथॉरिटी बोर्ड की बैठक में भी यह मामला रखा गया था। बोर्ड ने भी अवैध इमारतों को गिराने का प्रस्ताव पास किया है। अथॉरिटी का कहना है कि इसकी वजह से यहां के लोगों पर हाई कोर्ट की अवमानना का भी केस बनता है।

\Bसीईओ का कहना है\B

ग्रेनो अथॉरिटी के सीईओ ने बताया कि शाहबेरी में इमारतें बनाने वालों ने बिल्डिंग स्ट्रक्चर ठीक से खड़ा नही किया है। 4 सरिया के बीम पर ही 6-6 मंजिला इमारत खड़ी कर दी। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। गलियों में भरा पानी भवनों की नींव में जा रहा, जिससे नींव भी कमजोर हो चुकी है।

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