कप्तान के फटकार के बाद अततः दहेज प्रताड़ना की शिकार नवविवाहिता की शिकायत पुलिस ने की दर्ज,पति सहित ससुरालियों पर अपराध कायम

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कोरबा(बांकीमोंगरा):- लगातार थाने का चक्कर काट रही दहेज प्रताड़ना की शिकार नवविवाहिता के संदर्भ में खबर प्रकाशन के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले पर संज्ञान लेते हुए संबंधितों को जमकर फटकार लगाए जाने पश्चात अततः ससुरालियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।

इस संबंध पर ज्ञात हो कि ग्राम डोकरीखार विकासखण्ड कटघोरा निवासी नवविवाहिता पूजा उर्फ लक्ष्मी महंत गत 2018 से दहेज प्रताड़ना के मामले में न्याय पाने थाना का चक्कर काट रही थी।उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी लिखित आवेदन सौप न्याय की गुहार लगाई थी।जिस पर कार्यवाही के निर्देश अधिकारी द्वारा दिये गए थे।लेकिन थाने में उसकी शिकायत दर्ज करने में टालमटोल किया जा रहा था।पीड़िता के अनुसार 07 अप्रैल 2018 को सामाजिक रीतिरिवाज के साथ उसका विवाह ग्राम तेंदुकोना(देवरी)थाना-बांकीमोंगरा निवासी लम्बोदर दास पिता झड़ीदास के साथ संपन्न होने के कुछ दिनों बाद ससुराल में पति,सास-ससुर तथा ननंद द्वारा दहेज में कम सामान लाने की बात को लेकर प्रताड़ित करने लगे थे।साथ ही पति मारपीट भी करने लगा था।

दहेज के नाम पर शारीरिक एवं मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित करने के बाद दहेज में कार,वासिंग मशीन,एसी,डायनिंग टेबल व सोने के गहने की मांग को लेकर 22 अगस्त को पति मायके में छोड़ आया।मायके पक्ष की समझाइश पर भी ससुरालियों द्वारा नही मानने पश्चात 29 अप्रैल को कटघोरा थाना शिकायत लेकर जाने पर उसे परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया लेकिन पति द्वारा नही मानने पर पीड़िता दोबारा कटघोरा थाना पहुँची जहाँ से उसे बांकीमोंगरा थाना जाने की सलाह दी गई।और 14 जनवरी 2019 को बांकीमोंगरा थाना में लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी गई।जहाँ बयान कलमबद्ध करने उपरांत कार्यवाही किये जाने को लेकर लगातार टालमटोल किया जाता रहा।जिसके बाद पीड़िता अपने परिजन के साथ 08 मार्च 2019 को एसपी कार्यालय पहुँची व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौप अपनी आपबीती सुनाई।

जहां जल्द कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया गया था।और अधिकारियों के निर्देशन परिपेक्ष्य में बांकीमोंगरा पुलिस द्वारा 07 अप्रैल 2019 को पीड़िता का पुनः बयान दर्ज कर एक सप्ताह बाद आने पर कार्यवाही किये जाने की बात कही गई।लेकिन दो सप्ताह बीत जाने उपरांत भी पुलिस ने किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नही की।इस बीच पीड़िता कार्यवाही की मांग को लेकर दो बार थाना का चक्कर लगा चुकी थी।गत 22 जुलाई 2019 को भी नवविवाहिता अपने परिजन के साथ कार्यवाही किये जाने को लेकर बांकीमोंगरा थाना पहुँची थी।

उसे फिर सप्ताह भर बाद आने की बात कहकर पुलिस ने लौटा दिया था।उक्त मामला सोशल मीडिया में खबर वायरल व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने पश्चात पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संबंधितों को जमकर फटकार लगाई जिसके फलस्वरूप हरकत में आयी बांकीमोंगरा पुलिस द्वारा गत शनिवार 27 जुलाई को आनन-फानन में पीड़िता को थाना तलब कर पति लंबोदर दास सहित ससुरालियों पर क्रमशः ससुर झड़ीदास,सास सम्मत बाई व ननंद सुमन महंत के खिलाफ धारा 498-अ,34 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है।

विदित हो कि जिले में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस कप्तान श्री मीणा हमेशा सजग रहते है।वे विभागीय लापरवाही कतई बर्दास्त नही करते।उनके द्वारा अपने अधिनस्थ सभी थाना-चौकी प्रभारियों को खास निर्देश दिए गए है कि पीड़ितों के शिकायतों पर त्वरित जांच कर उचित कार्यवाही सुनिश्चित करें।लेकिन कप्तान के इस निर्देश को कुछ थाना-चौकी प्रभारी हल्के में लेते है।परिणामस्वरूप उन्हें कोताही बरते जाने पर जमकर फटकार मिलती है।

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