कोरोना 700 के पार, सोशल डिस्टेंस नही हो रहा मेंटेन।।

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भारत मे लगातार बढ़ती कोरोना वायरस के संख्या चिंता की लकीर खीच रही है क्यो लोग सोशल डिस्टेंस वाली लक्ष्मण रेखा को पार कर रही है। अभी तक प्राप्त आकड़े के अनुसार कोरोना वायरस के 716 मरीज मिल चुके है। महामारी के कारण मरने वालों की संख्या 14 हो चुकी है। 45 मरीज रिकवर होकर वापस लौटे है।

कोरोना वायरस के खतरनाक रूप दिन-ब-दिन बढते ही जाने से जहाँ सरकार के लिए चिंता लकीर खीच रही है , वही आम जनता मे इसका कोई ज्यादा प्रभाव नही दिखता है। जनता सोशल डिस्टेंस को मेंटेन करने मे अपना बेईज्जती समझ रही है। भले ही कितना भी जागरुक किया जा रहा है लेकिन जहाँ भी जनता को मौका मिलता है लक्ष्मण रेखा को पार करते देखा गया है। सरकार भले ही चिंतित हो लेकिन आम जनता के लिए कोई फर्क नही है।

पुलिस की पहरा क्यों है जरूरी ?

भारत के समझदार जनता एक मिनट भी दुख मे नही जीना चाहते है भले ही जीवन भर की दुख उठाना पड़े। अगर ऐसा नही होता तो पुलिस को घर के बाहर ऐसे पहरा देने की जरूरत नही होता जैसे की दंगा ग्रस्त इलाका हो। पुलिस को लठ बजाने की क्या जरुरत पड़ती । सेक्टरों की हालत तो ठीक भी है लेकिन जहाँ शहर के बीच वाले गाँव है वहाँ की हालत सबसे ज्यादा दैनीय है। वहाँ आज भी भीड़ खड़ी है । भले ही नोएडा के सड़के खाली है लेकिन गलिया आज भी गुलजार है। पुलिस गलियों मे लठ भी देखकर बजा रही है ।

प्रशासन के हर मदद के बाद भी लोग सोशल डिस्टेंस को मेंटेन करने मे नाकाम रही है। खासकर इग्लिश मिडियम मे पढ़ने वाले लोग लक्ष्मण रेखा को लाँघने में ज्यादा समझदारी समझ रहे है। चिंता उस बात की है कि नोएडा मे कुछ गाँव ऐसे है जहाँ की आबादी कई कई लाख है। अगर एक भी केस निकला तो प्रशासन को संभालना मुश्किल होगा।

प्रशासन ने 39 कंपनियों के साथ online होम डिलीवरी का करार किया है और उसको परमिशन दिया गया है। इन कंपनियों के आर लेकर न जाने कितने लोग बाहर निकलेंगे। जरुरत है गरीब लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करने की लेकिन सरकार भी उसी को परमिशन दे रही है जो सोशल डिस्टेंस को कम करती है और लुटने का काम भी करती है। क्या गरीब लोग पिज्जा बर्गर जैसी चीजों को डिलीवरी करवा पायेंगे। गरीब को तो दाल रोटी चाहिये। इतना मुहेया तो सरकार आराम से करवा सकती है। बजाय इसके की बाहर से होम डिलीवरी हो।

एक अनुमान के अनुसार चाईना ने जो डाटा शेयर किया है वो सही नही है, मोबाईल कंपनियों से प्राप्त डाटा के अनुसार लगभग 80 लाख युजर अचानक ही लुप्त हो गये है। ये युजर गये कहाँ । NEWS EXPRESS से प्राप्त एक विडियों मे चाईना मे मरने वालों की संख्या करोड़ों मे है।

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