प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए चुने गए जामिया के 6 रिसर्च स्कॉलर्स, प्रत्येक को हर मिलेंगे 80 हजार रुपए

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छह शोधकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से पहले दो वर्षों के लिए प्रति माह 70,000 रुपए, तीसरे वर्ष के लिए प्रति माह 75,000 रुपए, चौथे और पांचवें वर्ष के लिए क्रमश 80,000 रुपए प्रति माह की फेलोशिप मिलेगी.

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) के छह शोधार्थियों को प्रतिष्ठित प्रधान मंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) से सम्मानित किया गया है. इन छात्रों को दिसंबर 2020 ड्राइव की लेटरल एंट्री स्कीम के तहत चुना गया है. जिन छात्रों को प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए चुना गया है उनमें सिविल इंजीनियरिंग विभाग की फोजि़या तबस्सुम, मोमिना, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की अजरा मलिक, नैनोविज्ञान एवं नैनो प्रौद्योगिकी केंद्र से फिरोज खान, मूलविज्ञान की आलिया तैयब और भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विज्ञान केंद्र से आशी सैफ शामिल हैं.

जामिया की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर (JMI Vice-Chancellor Professor Najma Akthar ) ने व्यक्तिगत रूप से सभी शोधार्थियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों को शोध में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा. उन्होंने कहा कि जामिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia University) उत्कृष्टता के लिए तैयार है और अपने छात्रों को महान ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कड़ी मेहनत करता है. कुलपति ने इस विशिष्ट उपलब्धि के लिए समन्वयक पीएमआरएफ जेएमआई प्रोफेसर अब्दुल कयूम अंसारी के प्रयासों की भी सराहना की.

पीएमआरएफ जेएमआई के समन्वयक प्रोफेसर अब्दुल कय्यूम अंसारी ने कहा कि छह शोधकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से पहले दो वर्षों के लिए प्रति माह 70,000 रुपए, तीसरे वर्ष के लिए प्रति माह 75,000 रुपए, चौथे और पांचवें वर्ष के लिए क्रमश 80,000 रुपए प्रति माह की फेलोशिप मिलेगी.

इसके अलावा, प्रत्येक फेलो को पीएमआरएफ के तहत प्रति वर्ष 2 लाख रुपये ( पांच साल के लिए कुल 10 लाख रुपए) का शोध अनुदान मिलेगा. इससे पहले, मई 2020 की लेटरल एंट्री स्कीम के तहत , नैनोविज्ञान एवं नैनो प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएनएन), जामिइ से मरिया खान और अबगीना शब्बीर को फेलोशिप के लिए चुना गया था. (IANS अपडेट्स)

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