google.com, pub-3648227561776337, DIRECT, f08c47fec0942fa0

550वां प्रकाश👏 पर्वः करतारपुर साहिब जाने के लिए 👉श्रद्धालुओं को मानने होंगे ये 10 नियम 😲और शर्तें

Spread the love

550वें प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब के दर्शन करने हेतु जाने के लिए श्रद्धालुओं को कुछ नियमों व शर्तों का पालन करना होगा। ऐतिहासिक करतापुर कॉरिडोर का उद्घाटन हो चुका है। इसके साथ ही करतारपुर साहिब तक जाने का रास्ता भी खुल गया। कॉरिडोर में भारत की तरफ से 3.8 किमी लंबी सड़क बनाई गई है।

पाकिस्तान की तरफ की सड़क चार किमी लंबी है और एक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बनी है। भारत की ओर 300 फीट ऊंचा तिरंगा झंडा लगाया गया है, जो 5 किमी दूर तक दिखाई देगा। पाकिस्तान की तरफ से भारत से और देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। साथ ही कुछ नियम भी निर्धारित किए गए हैं।

पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में नतमस्तक होने के लिए भारत से आने वाले श्रद्धालुओं को मुफ्त बस सेवा उपलब्ध करवाएगी। डेरा बाबा नानक से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के बीच साढ़े चार किलोमीटर का रास्ता है। लाल रंग की बसें यात्रियों को जीरो लाइन से लेकर करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते गुरुद्वारा तक पहुंचाएगी। वहां से हरे रंग की बस में संगत को बैठा कर ड्योढ़ी तक पहुंचाया जाएगा।

लाल रंग की बसों पर एक तरफ श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा का चित्र और दूसरी तरफ अंग्रेजी में लिखा गया है वेलकम टू श्री करतारपुर साहिब। यह लाल रंग की बसें करतारपुर कॉरिडोर से लेकर भारतीय सीमा तक आती-जाती रहेंगी। ड्योढ़ी तक जाने के लिए जो हरे रंग की जो बसें लगाई गई हैं, वह बिल्कुल ओपन हैं।

%d bloggers like this: