रस्सी पर करतब दिखाकर परिवार का पेट पालने में मदद कर रही 5 वर्षीय नन्ही लक्ष्मी

Spread the love

खेलने कूदने की उम्र में 7 फीट ऊँचे हवा में खींचे गए रस्सी पर करतब दिखाकर परिवार का पेट पालने में मदद कर रही 5 वर्षीय नन्ही लक्ष्मी

कोरबा(पाली):- जो बालपन खेलने-कूदने की होती है उसी उम्र में पांच वर्षीय नन्ही लक्ष्मी चौंक-चौराहों व गली मोहल्लों में अपना करतब दिखाकर परिवार का पेट चलाने में मदद कर रही है।मूलतः जांजगीर-चाँपा जिले के अंतर्गत ग्राम बुढ़ेना निवासी सोनू नट का परिवार खानदानी रूप से करतब दिखाने का काम करता चला आ रहा है।सोनू भी अपनी पत्नी सुरजा,पुत्री लक्ष्मी 05 वर्ष,साधना 03 वर्ष एवं एक वर्षीय पुत्र बीर को साथ लेकर जनवरी माह से करतब दिखाने अपने घर से निकल चुका है जो इन दिनों पाली मुख्यालय एवं इसके ग्रामीण क्षेत्रों के चौक-चौराहों और गली मोहल्लों में जाकर अपना करतब दिखा रहे है।

जिसमे मुख्य भूमिका 05 वर्षीय नन्ही लक्ष्मी की रहती है जो बांस के सहारे 07 फीट ऊँचे हवा में खींचे गए रस्सी पर चलने के साथ ही विभिन्न प्रकार से अपना करतब दिखाते हुए राह चलते लोगों का ध्यान भी अपनी ओर परस्पर आकर्षित कर लेती है।और इस प्रकार लक्ष्मी के द्वारा दिखाए जाने वाले विभिन्न करतब के समापन में मौजूद भीड़ के तालियों की थाप से फ़िजा गूंज उठती है।इस प्रकार दिनभर के करतब से इन्हें दो से तीन सौ तक की आय प्राप्त हो जाती है।

साथ ही जहाँ शांझ हुआ वहीं इनका ठिकाना जम जाता है।यह नट परिवार जनवरी से लेकर मार्च तक 3 माह घर से बाहर अन्य जिलों में जाकर अपना करतब दिखाते हुए दो जून की रोटी का व्यवस्था करते है।लक्ष्मी भी अपने गाँव में रहते समय अक्षरज्ञान सिखने आंगनबाड़ी जाती है।लेकिन पेट की खातिर उसे भी 3 माह परिवार के साथ बाहर रहकर करतब दिखाना पड़ता है।

इस विषय में चर्चा करने पर इस दल के मुखिया सोनू नट ने बताया कि उनके परिवार में सभी कम पढ़े लिखे हुए है।क्योंकि करतब कार्य से ज्यादातर बाहर रहना पड़ता है जिसके कारण बाल उम्र में ही पढ़ाई-लिखाई बुरी तरह प्रभावित होने के साथ ही छूट जाती है।ऐसे में लक्ष्मी भी अपना करतब दिखाकर अपने परिवार का पेट चलाने में अहम् भूमिका निभा रही है।

%d bloggers like this: