फर्जी रेमडेसिविर के 1200 इंजेक्‍शन जब्‍त, अहमदाबाद में, आणंद और वडोदरा बड़ी संख्‍या में बेचे गए

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गुजरात पुलिस ने 1,200 नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन जब्त किए हैं अहमदाबाद में 700 और आणंद और वडोदरा में 460 ऐसे इंजेक्शन बेचे गए हैं

कोरोना महामारी में जहां लगभग अधिकांश लोग भयावह त्रासदी के दौर से गुजर रहे हैं, वहीं, कुछ मानवा के खिलाफ इतना बड़ा अपराध कर रहे हैं कि कानून की किताबों में इनके लिए सजा कम है. गुजरात में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बड़ी संख्‍या मे जब्‍त हुए हैं और ऐसे ही नकली इंजेक्‍शन अहमदाबाद, आणंद और वडोदरा में बेच भी दिए हैं. नकली इंजेक्‍सनों को कालाबाजारी करके बेचे गए हैं.

वडोदरा पुलिस कमिश्‍नर शमशेर ने कहा, ” क्राइम ब्रांच ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में शामिल एक रैकेट का भंडाफोड़ किया और कल वडोदरा में 5 लोगों को गिरफ्तार किया.

वडोदरा के पुलिस आयुक्त शमशेर सिंह ने कहा, “पुलिस ने 1,200 ऐसे नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन जब्त किए हैं. उन्होंने अहमदाबाद में ऐसे 700 और आणंद और वडोदरा में 460 इंजेक्शन बेचे हैं.

सूरत की कोर्ट ने रेमडेसिविर बेचते पकड़े गए दो डॉक्‍टरों को कोविड रोगियों की सेवा का आदेश दिया
सूरत: गुजरात के सूरत शहर की एक अदालत ने दो निजी चिकित्सकों को इस शर्त पर जमानत दी है कि वे सूरत सिविल अस्पताल में 15 दिन तक कोविड-19 रोगियों की देखभाल करेंगे. दोनों चिकित्सकों को कथित तौर पर रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते पकड़ा गया था. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आर. ए. अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को यह आदेश पारित किया. अदालत ने डॉ. साहिल घोघारी और डॉ. हितेश डाभी से कहा कि शुक्रवार से 15 दिन के लिए सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस रोगियों की सेवा करें. दोनों चिकित्सक सूरत के निवासी हैं और निजी तौर पर मेडिकल प्रैक्टिस करते हैं. उन्हें जमानत देते हुए मजिस्ट्रेट ने कहा कि महामारी के कारण चिकित्सकों की कमी है और यह समाज के हित में है कि दोनों चिकित्सकों को कोविड-19 से पीड़ित लोगों का उपचार करने के लिए सिविल अस्पताल में तैनात किया जाए.

15 दिन के बाद दोनों डॉक्‍टरों के काम को लेकर रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाएगी
अदालत ने सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि दोनों चिकित्सकों की सेवा हासिल करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं और 15 दिन के बाद उनके काम को लेकर रिपोर्ट सौंपी जाए. इसने आरोपी चिकित्सकों को अदालत की अनुमति के बगैर गुजरात नहीं छोड़ने के आदेश दिए. सूरत पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते पांच लोगों को 25 अप्रैल को पकड़ा था, जिसमें डाभी और घोघारी भी थे. पुलिस ने उनसे इंजेक्शन की तीन शीशियां भी बरामद की थीं.

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