लॉक डाउन में 4223 श्रमिक ट्रैन चली , रेल मंत्रालय ने श्रमिकों से नहीं लिया शुल्क

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समाजसेवी रंजन तोमर की आरटीआई से कई अहम् खुलासे


नॉएडा – शहर के समाजसेवी श्री रंजन तोमर द्वारा रेल मंत्रालय , भारत सरकार में लगाई गई आर टी आई से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं , केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा परस्पर एक दूसरे पर कई बार आरोप लगाए गए एवं रस्साकशी हुई , खासकर जहाँ राज्य सरकारें केंद्र की भाजपा सरकार की विपक्षी पार्टियों की हों , ऐसे में इस प्रकार के खुलासों का महत्व बढ़ जाता है।


लॉक डाउन के समय से लेकर 31 मई 2020 की अवधि तक के बीच से सम्बंधित सवालों के जवाब में मंत्रालय ने पहले सवाल का जवाब देते हुए कहा है के इस दौरान 4223 श्रमिक स्पेशल ट्रैन चलाई गई। जबकि दूसरे सवाल में पूछा गया था के कितने श्रमिकों को इस दौरान अपने गंतव्य तक पहुंचाया गया , इसका जवाब मंत्रालय द्वारा संकलित नहीं किया है ,वह जोन के अनुसार ही प्रदान किया जा सकता है , तीसरे सवाल में श्री तोमर ने पूछा था के क्या मंत्रालय द्वारा किसी प्रकार का शुल्क श्रमिकों से वसूला, और यदि हाँ तो कितना और किस किस प्रकार का शुल्क , इसके जवाब में मंत्रालय कहता है के राज्य सरकारों अथवा पार्ट्री द्वारा यह शुल्क दिया गया , इसलिए श्रमिकों से शुल्क वसूलने का सवाल ही नहीं है और उन्होंने श्रमिकों से कोई शुल्क नहीं लिया , इसके आलावा मंत्रालय बताता है के यह सभी ट्रैन आम शुल्क पर बुक की गई एवं गंतव्य पर पहुंच कर वापसी में ज़्यादातर खाली चली।


संवादाताओं से बात करते हुए श्री तोमर ने कहा के आर टी आई लगाने के पीछे उनका आशय था के आम जनता के सामने यह बात सामने आजाये के मुश्किल की घडी में किस सरकार ने क्या क्या किया , यह जनता का लोकतान्त्रिक अधिकार है , उन्हें उम्मीद है वह ऐसे आगे भी जानकारियां आम जनता तक पंहुचा सकेंगे जिससे लोकतंत्र सशक्तिकरण में वह अपनी भूमिका निभा सकें।

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