राहुल की पोस्ट को लेकर बाल संरक्षण आयोग सख्त

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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने फेसबुक को पत्र लिखा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बच्ची के परिजनों की तस्वीर शेयर करके दुष्कर्म पीड़िता की पहचान को उजागर किया है, जो कानून के विरूद्ध है। राहुल गांधी ने वह विवादि फोटो को ट्विटर के अतिरिक इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर भी अपलोड की है। सोशल मीडिया पर वायरल की गई

वीडियो में पीड़ित बच्ची के पिता और मां का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है। आयोग ने कहा है कि यह कानून का उल्लंघन है। ऐसा करना पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के विरूद्ध है। आयोग का कहना है कि पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 23 के अनुसार किसी भी नाबलिग दुष्कर्म पीड़ित के नाम, एड्रेस, परिवार डिटेल और अन्य चीजों को उजागर नहीं किया जा सकता।

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