राजस्थान में आराजकता का माहौल। रेलवे ट्रेक और प्रदेश के अधिकांश हाइवे जाम।

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    भाजपा ने नेता भड़काते हैं गुर्जरों को -सीएम गहलोत।

    चुनाव जीता है तो मांग भी पूरी करे कांग्रेस। क्या संकल्प प्रस्ताव से मिल जाएगा आरक्षण?
    11 फरवरी को भी राजस्थान में आराजकता का माहौल रहा। पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में हजारों गुर्जर सवाई माधोपुर जिले से गुजर रहे दिल्ली मुम्बई रेल ट्रेक पर बैठे रहे। 11 फरवरी को लगातार चैथा दिन रहा जब यह रेल ट्रेक बंद पड़ा है। इसी प्रकार गुर्जर बहुल्य क्षेत्रों में प्रदेश भर में हाइवे जाम किए गए। इससे रेल और सड़क मार्ग के लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुर्जरों के मुखिया कर्नल बैंसला ने कहा है कि दस फरवरी को पुलिस वाहन जलाने के आरोप में धौलपुर में जिन गुर्जरों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें तत्काल प्रभाव से छोड़ा जाए। बैंसला ने कहा कि यदि गुर्जरों को रिहा नहीं किया गया तो प्रदेश भर में हालात अनियंत्रित हो जाएंगे। बैंसला ने साफ कहा कि अब वार्ता रेल ट्रेक पर ही होगी। गुर्जर आंदोलन की वजह से प्रदेश के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे है। अभी तक भी आंदोलन कारियों और सरकार के बीच वार्ता का दौर शुरू नहीं हुआ है। सरकार के मुख्य पेरोकार और पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि वे कर्नल बैंसला के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
    भाजपा पर भड़काने का आरोपः
    वहीं 11 फरवरी को प्रदेश के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि गुर्जरों को भाजपा के नेता भड़काते हैं। भाजपा के नेताओं को भी पता है कि गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का मुद्दा केन्द्र सरकार से जुड़ा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद भी भाजपा के नेता भड़काने वाले बयान देते है। गहलोत ने कहा कि कर्नल बैंसला और उनके समर्थकों को प्रदेश में शांति बनाए रखनी चाहिए। सरकार हर स्तर पर वार्ता को तैयार है। गहलोत ने रेल ट्रेक और हाइवे जाम करने पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों को जो पीड़ा हो रही है उसे गुर्जर आंदोलन कारियों को समझना चाहिए।
    वायदा पूरा करे कांग्रेसः
    वहीं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया और उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा का चुनाव ऐसे ही वायदा कर जीता है। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिलवाने का वायदा किया है। कांग्रेस का यह घोषणा पत्र अब सरकारी दस्तावेज है। ऐसे में कांगे्रस सरकार को अपना वायदा पूरा करना चाहिए। कटारिया ने कहा कि केन्द्र सरकार अपने स्तर पर राजस्थान के गुर्जरों को आरक्षण देने का फैसला नहीं कर सकती है। गुर्जरों की तरह अन्य प्रदेशों में भी जातियां हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार विधानसभा में कोई विधेयक लाएगी तो उस पर विचार किया जाएगा।
    संकल्प प्रस्तावः
    जानकार सूत्रों के अनुसार गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिलवाने के लिए अब सरकार विधानसभा में संकल्प प्रस्ताव ला रही है। चूंकि भाजपा भी सहमत है इसलिए सरकार की ओर से प्रस्तुत संकल्प प्रस्ताव विधानसभा में सर्वसम्मिति से स्वीकृत भी हो जाएगा। लेकिन सवाल उठता है कि क्या इस संकल्प प्रस्ताव से गुर्जरों को आरक्षण मिल जाएगा। पूर्व में भाजपा की सरकार ने विधानसभा में विधेयक भी पास किया था, लेकिन ऐसे बिल पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। यदि राजस्थान की सरकार प्रस्ताव को पास कर केन्द्र सरकार के पास भिजवा देती है तो भी गुर्जरों को आरक्षण मिलना आसान नहीं होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि एक माह के अंदर अंदर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी। इस बीच गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति से जुड़े नेताओं ने 15 फरवरी को जयपुर बंद का आह्वान किया है।
    एस.पी.मित्तल) (11-02