योग निरोग से बढ़ाये इम्युनिटी पावर, कोरोना से लड़ाई की तैयारी

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सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो
शुभ कर्म करके पुण्य का जीवन बीज वोह लो,

बीती का गम तू ना कर वो मिट गया अँधेरा,
खुलती यहाँ से आंखे होता वह सवेरा
मेरे घर गुरु पधारे अंतर् के नैन खोलो,
सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो

योग एक प्राचीन चिकित्सकीय पद्धति है। आज मनुष्य अपने ही कर्मों के कारण प्रकृति है मात का रहा है। क्योंकि मनुष्यो ने अपनी वर्चस्व बनाने के लिए हमेशा से प्रकृति का नुकसान ही किया है। आज एक महामारी तेजी से फैल रहा है जिसका नाम से कोरोना। जितनी सच है उससे ज्यादा इसको भयावह बना दिया गया है। कोरोना के वायरस इतना मजबूत नही है जितना कि समाज में फैलते अफवाह है। जिसके कारण लोग लगातार डिप्रेशन और टेंशन में आने लगता है। यही कारण है कि कई केस देखने को मिले है जिसने पाजिटिव आने पर सुसाईड कर लिया है।

इसको इतना पैन्डेमिक बनाने के जरुरत नही है। आप इसे जितना पेन्डेमिक बनायेंगें ये वायरस आप पर उतना ही प्रभावी होगा। उतने ही जल्दी आपको अपने गिरफ्त में ले लेगा। सरकार ने प्रोटोकाल बनाया है तो उसका पालन करे। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अपने घर में ही मास्क पहनकर बैठे रहे।

कोरोना हो या दूसरी कोई भी बीमारी सांस आपके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर आप सांस ठीक से नहीं ले पायेंगे तो निश्चित ही आपके लिए खतरे की घंटी है। जब आप किसी से बात करे तो मास्क लगा ले अन्यथा इसकी ज्यादा जरूरत नहीं। लेकिन जब आप घर से बाहर निकले तो अवश्य लगा ले। लेकिन आप अगर किसी आफिस में बैठे है और वहाँ ज्यादा किसी का आना जाना नही है तो कम से कम नाक खोलकर रखे। अगर आप सांस नही लेंगे तो निश्चित ही आपका आक्सीजन लेवल कम होगा। जिसके कारण आपके सीने में और सिर धीरे-धीरे दर्द होने लगेगा। आपके पाचन क्रिया कम होगा और आपमें उल्टी दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

अगर आप उस जगह पर काम करते है जहाँ पर एयरकंडीशन लगा हुआ है और आपको कहा जाता है कि आप जितने देर आफिस में है उतने देर आपको नाक मुंह बंद रखना है चाहे आप किसी के पास जाते है । कृप्या ऐसी आफिस से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले ले।

अगर आपको लगता है कि आपमे कोरोना संक्रमण का प्रभाव है तो टेस्ट जरुर करवाये। कुछ घरेलू टेस्ट भी कर सकते है।

आप थोड़ा सा गुड़ ले और मुंह में रखे, अगर आपको मीठा नही लगता है तो आप पाजिटिव हो सकते है। दूसरा आप एक पुष्प ले या सुगंधित तेल ले। नाक पर लगाये अगर उसमें से आपको सुंगध नही मिलता है तो भी आप पाजिटिव हो सकते है। अपनी सांसो को 30 सेकेण्ड तक रोके अगर आप रोक पाते है तो आपमें कोई दिक्कत नही है। क्योंकि कोरोना के बाद 10 सेकेण्ड ज्यादा सांस रोकना संभव नहीं होता है और फिर आक्सीजन लेने की जरुरत पड़ जाते है।

क्या करे ?

अगर आपके गले में समस्या है तो आप दिन भर में 5-6 गोल्की (काली मिर्च) चुसे। इसके अलावा आप गर्म पानी से गड़ाड़ी करे। जिससे आपके गले हमेशा साफ रहे। ठंडा पानी बिल्कुल भी नहीं पिये। हमेशा गर्म पानी या फिर नार्मल पानी पिये। तुलसी अदरक, गोल्की गुड़ का काढा पिये। रात में दूध में हल्दी मिलाकर पी सकते है।

कुछ योग प्राणायाम बताने से पहले मै आपको बता दूं कि आज लोग आक्सीजन के लिए मारे मारे फिर रहे है लेेकिन आज भी लोग फ्रि के आक्सीजन लेने को तैयार नही है। क्योंकि सबकुछ सरकार करे तो सांसे भी सरकार की जिम्मेदारी है आपने वोट देकर उस पर एहसान जो किया है।

आज आक्सीजन की मारा मारी है। हर किसी को आक्सीजन चाहिए लेकिन जब पेड़ लगाने की समय था तब अपने घर मे एयरकंडीशन लगाते रहे। अपने घर को एक बक्सा बना दिया, जिसमें ताजा हवा का प्रवेश तक नहीं है। काश आज आपके एयरकंडीशन आपको ताजा हवा देता तो कितना अच्छा होता।

अपने शरीर में आक्सीजन लेबल को कैसे बढायें ?

आप अपने शरीर में आक्सीजन लेवल को कुछ क्रिया के द्वारा आसानी से बढ़ा सकते है। आप सीधा लेट जाइये। पैर के नीचे कुछ ऊँचा रख लिजिये। इसी स्थिति में आधे से एक घंटे रहिए। लंबा गहरा सांस लिजिये और धीरे-धीरे छोड़िये। देखियेगया आपका आक्सीजन लेबल ठीक हो रहा है। सिर के नीचे बिल्कुल भी तकिया नही रखे। हो सके तो इसी स्थिति में सोने का प्रयास कीजिए।

क्योंकि हमारे शरीर में पैरे के हिस्से में बल्ड ज्यादा मौजूद होता है। सिर ऊपर होने के कारण सिर की तरफ कम होता है। जिसके कारण हमारे हार्ट को पंप करने में ज्यादा हवा की जरूरत होते है। फिर हमारे हार्ट थकने लगते है और हमे सोने की जरूरत पड़ता है। उसके बाद हमे आराम महसूस होता है। अगर आप पैर को थोड़ा सा ऊपर लगभग 30 डिग्री रखेंगे तो निश्चित तौर पर आपको ज्यादा राहत मिलेगा और इससे आपके शरीर मे आक्सीजन का लेबल भी ठीक रहेगा।

इसी प्रकार से आप सुबह उठकर कुछ आसान प्राणायाम कर सकते है।

आप सुबह उठिये और खुली हवा में बैठकर भस्त्रिका प्राणायाम कीजिये। लंबी गहरी सांस भरे और धीरे-धीरे उसे छोड़े। सांस भरने और छोड़नें में लगभग 30 सेकेण्ड का समय लगाये। जिससे आपकी सांस लेने की क्षमता बनी रहे और जल्दी से आपको आक्सीजन की जरुरत न पड़े।

अगर आपको कोरोना नहीं है तो आप कपाल भाति प्राणायाम भी कर सकते है। लेकिन अनुलोम विलोम आपके लिए अति आवश्यक है। दाये नासिका से सांस लिजिये और बायें नासिका से धीरे-धीरे छोड़िये। कम से कम 10 मिनट तक करे। एक बार सांस लेने और छोड़ने में 30 सेकेण्ड का समय लगाये। इसके अलावा आप भ्रामरी उद्गीत और उज्जई कर सकते है

निश्चित तौर पर ही आपको लाभ होगा और आप कोरोना से आसानी से लड़ पायेंगे। क्योंकि सांस सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कहते है जब तक सांस है तब तक आस है। इसलिए सांस को मजबूत रखिये। मेरा सलाह है कि कुछ समय से लिए आप टीवी चैनल से दूर रहिये। इन हालात को अपने ऊपर हावी नही होने दे।

मेरा सरकार से भी एक सलाह है कि आप एयरकंडीशन हास्पिटल को हवादार कमरे में बदले। अस्पताल में 4 से 5 बार योग प्राणायाम का सेशन रखे। निश्चित ही हम जल्द से जल्द इससे बाहर निकलने में कामयाब होंगे। आक्सीजन की जरूरत इसलिए है क्योंकि लोग अपने मेहनत से आक्सीजन भी नही लेना चाहते है। सांस भी सरकार उनके नस में पहुँचा दे। क्योंकि लोगों ने सरकार को वोट दिया है। कुछ लोगों के लिए एक अलग से कमरे बना दे। उनकों यह एहसास होना कि उनको कोविड है उनक लिए मृत्यु का दरवाजा खोलता है।

अधिकतर लोग इसी कारण अपनी मानसिक संतुलन को खो बैठते है। यही कारण है कि मृत्यु की संख्या बढ़ रही है। मृत्यु होते देख हमारे डाक्टर , पुलिस, और दूसरे विभाग के लोग भी नर्वस होने लगे है। जिनसे गलतियाँ होने लगी है। क्योंकि वो भी तो एक इंसान ही है। ऊपर से राजनीतिक और मिडिया ने लोगों को पागल बनाने का काम किया है। जागरूकता करने और सही सलाह देने के बजाय पूराने पूराने एडिटेड विडियों को दिखाकर लोगों के दीमाग को खराब कर रहे है। ऐसी मिडिया पर प्रतिबंध लगनी चाहिए।

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