मनोरंजन का महत्व

5 months ago Vatan Ki Awaz 0

एक गांव में एक विदेशी यात्री आया। उसने उस गांव के बारे में काफी कुछ सुन रखा थी। इसलिए उस गांव को देखने की उसे बड़ी उत्सुकता थी। लेकिन वहां आने के बाद उसे निराशा हाथ लगी। उसने देखा कि गांव तो बहुत खूबसूरत है, वहां देखने योग्य कई जगह भी है और गांव के लोग वहां आने वाले यात्रियों की हर तरह से सहायता भी करते है परंतु हर आदमी पैसे के पीछे पागल है। पैसा ही वहां का देवता है। धन कमाने के लिए आदमी अपनी-अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहे है। आराम और मनोरंजन  का उनके जीवन में कोई स्थान नहीं है।

यह देखकर उस विदेशी यात्री को बहुत दुख हुआ। उसने सोचा कि जीवन का आनंद लेना इन्होंने सीखा ही नहीं है। उसने निश्चय किया कि वह जीवन के सुख इनका परिचय कराएगा। इस उदेशय की पूर्ति के लिए उसने एक प्रदर्शनी लगवाई।

उस प्रदर्शनी में अलग-अलग तरह के आईनों को रखा। उन आईनों के आगे खड़े होने पर उनमें विचित्र प्रतिबिंब दिखाई देता था उसने सोचा कि लोग अपने प्रतिबिंब को देखकर हंसना सीख जाएंगे। फिर ऐसा ही हुआ। उसकी प्रदर्शनी काफी मशहूर हुई। प्रत्येक ग्रामवासी उस प्रदर्शनी को देखने के लिए आया। बड़ी उत्सुकता से व हर आईने के सामने खड़े हो जाते और उसमें अपना प्रतिबिंब देख हंस-हंसकर लोट- पोट हो जाते। वे एक आईने से हटकर दूसरे आईने के सामने जा खड़े होते। यह उनके लिए एक अनोखा अनुभव था।

प्रदर्शनी के आखिरी दिन उस निदेशी यात्री ने एक सभा बुलाई। उस सभा में उसने लोगों से प्रदर्शनी के बारे में अपने-अपने अनुभव बताने के लिए कहा। लगभग हर व्यक्ति ने यही कहा कि वह अपनी जिंदगी में पहली बार दिल खलकर हंसा है।

तब उस यात्री ने कहा,” मेहनत जीवन का अंग है और पैसा एक जरूरत है। लेकिन आराम तथा मनोरंजन का भी जिंदगी में बड़ा महत्व है। लगातार चलते जाने से आदमी टूट जाता है और वह जीवन  का सच्चा सुख नहीं ले पाता।“

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