नोएडा प्राधिकरण को बाह्य विज्ञापन से प्रति वर्ष 20 करोड़ की कमाई।

Spread the love

नोएडा प्राधिकरण को हर वर्ष बाह्य विज्ञापन से लगभग 20 करोड़ राजस्व की प्राप्ति होती है। नोएडा प्राधिकरण से विज्ञापन से संबंधित मांगे गये जानकारी के प्रति उत्तर में यह जानकारी दिया है। वर्ष 2018 में बढ़ाये गये थे विज्ञापन के दर और 24 करोड़ राजस्व प्राप्त का लक्ष्य रखा गया था।

नोएडा प्राधिकरण ने आईजीआरएस से मांगे गये जानकारी में बताया है कि प्राधिकरण को हर वर्ष 20 करोड़ की राजस्व की प्राप्ति हो रही है। हालांकि आईजीआरएस के द्वारा कई जानकारी मांगे गये थे लेकिन नोएडा प्राधिकरण नें सिर्फ एक जानकारी दिया।

बता दे कि नोएडा प्राधिकरण के द्वारा 2018 में विज्ञापन के दर बदलाव किया गया । 24 करोड़ सलाना राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया था। जबकि उस समय में 12 करोड़ सलाना था। प्राधिकरण नें अपने पूराने नियम को बदलते हुए एडवरटाईजिंग रेट में भी बदलाव किया था। इसके तहत नोएडा को 3 जोन में बांटा गया और जोन के हिसाब से रेट निर्धारित किया गया। नोएडा सेक्टर 18, 38ए, डीएनडी को ए कैटेगरी मे रखा गया जबकि सेक्टर 15, 16,17,19,20,21,22,23,24,25,26,27 और 28 को बी श्रेणी में रखा गया। इसके अलावा सेक्टर 39,40,41,45,49,50,51,52, और 85, मास्टर प्लान 3 रोड और ग्रेटर नोएडा पेरिफेरी को सी श्रेणी में स्थान दिया गया।

वर्गीकृत क्षेत्र के हिसाब से विज्ञापन दर

ऊपर बताये गये श्रेणी के हिसाब से विज्ञापन दर भी निर्धारित किया गया। ए श्रेणी के लिए 262.36/Sqft.श्रेणी बी के लिए 240.49 प्रति स्क्वाइर फिट और श्रेणी सी के लिए 218.63 प्रति स्क्वाइरफिट।

आईजीआरएस में राजनीतिक पार्टियों के द्वारा लगाये जा रहे होर्डिंग और बैनर के जानकारी चाही थी लेकिन उसका उत्तर नही दिया गया। आखिर राजनीतिक पार्टियों को किस प्रावधान के तहत छुट मिला हुआ है कि स्मार्ट सिटी में बैनर और होर्डिंग को लगाकर शहर के खुबसूरती को दाग लगाये। अगर इनसे चार्ज किया गया है तो किस पार्टी से कितना रेवेन्यू प्राप्त किया गया है। क्या होर्डिंग लगाने से पहले प्राधिकरण से अनुमति लिये जाते है।

इसके अलावा शहर में छोटे बड़े विज्ञापन बिजली खंभे पर, दीवारों पर हजारों के संख्या में लगे होते है, जिसकों प्राधिकरण के कर्मचारी और अफसर नित्य रोज हटाते है तो क्या जो अवैध रूप से वैनर होर्डिंग लगे है उस पर कार्यवाही भी किया गया है। अगर हाँ तो उसका जानकारी भी देनी चाहिए। अगर नही तो क्यों नही ?? राजनीतिक पार्टियों के होर्डिंग दिवाली से होली और होली से दिवाली तक टंगे रहते है और प्राधिकरण उत्तर में कह रही है कि हम कार्यवाही करते है। तो फिर ये बड़े बड़े बैनर कैसे बच जाते है?

%d bloggers like this: