नये वेंडिंग जोन में जाने के बजाय पूराने में ही गुलजार है, सेक्टर 27 के पटरी दुकानदार

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नोएडा सेक्टर 27 के रेहड़ी पटरी आज भी गुलजार है। जबकि यहाँ से अतिक्रमण हटाने के लिए कल ही बोटेनिकल गार्डन के पास वेंडिंग जोन का उद्घाटन माननीय सासंद गौतमबुद्धनगर श्री महेश शर्मा ने किया। हालांकि उद्घाटन के दौरान ही विरोध और धांधली के आरोप भी लगे। कुछ वेंडर नें प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखकर धांधली के शिकायत की है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में प्राधिकरण पर आरोप लगा है कि वह वेंडिंग जोन आवंटन में हेराफेरी किया है। कुछ वेंडर का कहना था कि जब हमारा नंबर पहले था तो हमे लिस्ट से बाहर कर दिया । प्राधिकरण सर्वे की बात करती है तो हम लोगों का दुकान माननीय न्यायालय के आदेश आने के तुरंत बाद ही हटा दिया गया जबकि बांकि लोग वही बैठे रहे जिनका सांठ गांठ अधिकारी और नेता से था। जब दुकान हटा दिया गया वहा से तो फिर हमारा सर्वे किस प्रकार से होता।

मोनू पुत्र श्री पंकज सिंह ने कहा है कि हम लोगों को हटाकर नये वेंडर को वहाँ खड़ा कर दिया गया और उसका सर्वे किया गया। यह सब सिर्फ नये वेंडिंग जोन में जगह देने के लिए किया गया। यह प्राधिकरण के द्वारा किया गया एक बड़ा घोटाला है।

नोएडा प्राधिकरण के द्वारा अट्टा मार्केट सेक्टर 27 मे पटरी दुकान लगाने वाले वेंडरों के लिए ड्रा किया, जिसमें 300 लोगों को दुकान आवंटित करने के लिए लाईसेंस दिया गया। लेकिन उसमें से 35 पटरी दुकानदारों का नाम हटा दिया गया। जिसका डिटेल मुख्यमंत्री और प्राधिकरण के सीओ को लिखे पत्र में संग्लन किया गया है। वेंडरों का कहना है कि प्राधिकरण के अफसर पर्ची को उल्टे क्रम में डाला जिससे कि पूराने वेंडर को जगह मिलने के बजाय नये को मिला। प्राधिकरण को लिखे पत्र पर जिस पर अनिल कुमार साह, अनिल कुमार झा, अमर कुमार साह, अमन कुमार साहू, पप्पु कुमार, पुनेही दास शामिल है।

लेकिन कल नोएडा सेक्टर 27 के वेंडरों को नये वेंडिंग जोन दिए जाने के बाद भी आज फिर से वही नजारा देखने को मिल रहा है जिसको हटाने और साफ करने के लिए बोटेनिकल गार्डन के पास वेंडिंग जोन बनाया गया है। सवाल यह भी उठता है कि क्या प्राधिकरण यहाँ से इन रेहड़ी पटरी वालों को हटा पायेगा या फिर सेक्टर 8 झुग्गी झोपड़ी वालों के लिए बनाये गए आवासीय योजना की तरह होगा। मकान भी गया और झुग्गी झोपड़ी भी नही हटी। आज भी वही के वही पर पड़ी है। कहीं इसी तरह से इस बाटेनिकल गार्डन के वेंडिंग जोन भी न चला जाय और सेक्टर 27 की भीड़ भी न हटे।

सेक्टर 27 की बात करे तो वहाँ पर लगने वाली ज्यादातर पटरी वहीं के दुकानदारों की है। अगर पटरी दुकान वालों का नही है तो इसके लिए पटरी वाले पैसे भी देते है। इसके अलावा प्राधिकरण और पुलिस की उगाही भी जगजाहिर है। ऐसे में यहाँ से दुकान को हटाना प्राधिकरण के लिए टेढी खीर के समान है। क्योंकि यह लोग वहाँ पर भी दुकान लगायेंगे और यहाँ भी किसी और को खड़ा करके एक नया वेंडर बना देंगे।

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