नटवर लाल के जाल: पोंजी स्कीम ज्यादा रिटर्न पाने की चाहत

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जल्दी से अमीर बनने के सपने देखने वाले मुंगेरी लाल। जल्दी से जल्दी अमीर कैसे बने इसका विज्ञापन किस प्रकार से भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसा रहे है। ज्यादा से ज्यादा रिटर्न एवं महंगे गिफ्ट पाने के लिए बैचेन लोगों को अपना शिकार बनाते नटवर लाल। लेकिन हमारे योगी सरकार जो कि न्याय के देवता बने बैठे है हजारो शिकायतों के बाद भी एक फौजी को न्याय नही दिला पाये और उनके जीवन भर के मेहनत के कमाई को लूटने वाले नटवर लाल आज भी खुलेआम घूम रहा है। यह एक प्रकार के पोंजी स्कीम है जिसमें निवेशकों को ज्यादा रिटर्न देने की लालच देकर निवेश करवाये जाते है और बाद में ये कंपनी को डुबो देते है।

ताजा मामला शिवम कुमार सिंह जो कि गाजीपुर के रहने वाले है। श्री कुमार नें सोशल मिडिया और यू-ट्यूब के माध्यम से एक कंपनी की जानकारी निकाला जो कि आगरा में ओला ऊबर के तर्ज पर ही टापराइड ट्रांसपोर्ट का काम शुरु करने और इसके बाद देश भर में फैलाने की झांसा दिया था। स्कीम भी अच्छा था और ऊपर से बोनस भी । भला कौन इसे अपने हाथों से जाने देता। शिवम कुमार सिंह ने जल्दी से अपने कुछ जानने वालों से संपर्क किया। पता चला कि उनके कुछ जानने वाले पहले से ही करोड़पति बनने की सपना देख रहा है और इस प्लान में निवेश किया हुए है। अब हमारे देश की यही तो खुबसूरती है , हम डुब चुके सनम , लेकिन तुम्हे भी ले डुबेंगे।

कुछ लोग जो पहले से ही इस जाल में फंसे होते है ताक में रहते है कि कब किसकों शिकार बनाया जाय, जिससे कि उनकों कमीशन और बोनस मिले। यह नशा किसी चरस के नशा से ज्यादा खतरनाक नशा है, जिसकों लग गया उसके नशा साल दो साल से पहले नही टुटते है, जब टुटते है तब तक सबकुछ समाप्त हो चुका होता है। खुली आंखों से जल्दी से अमीर बनने और अय्याशी की जिंदगी वाली ललक नटवर लाल को शिकार करने का मौका दे देता है।

शिवम कुमार को भी कुछ ऐसा ही नशा लगा और प्लान के मुताबिक 3 लाख 25 हजार अपने जमा पुंजी नटवर लाल जितेन्द्र सिंह के हवाले कर दिया।जितेन्द्र सिंह टापराइड कंपनी के सीएमडी है। प्लान के मुताबिक 29500 रुपये जमा करना था और हम महीने 4500 रुपये का रिटर्न 15 महीने तक मिलना था। 3 कैब में निवेश करने पर बोनस का भी व्यवस्था था।

4500 हर महीने यानि 67000 हजार मिलेगा 29 हजार 5 सौ के बदले। शिवम कुमार नें पहली किस्त मिलते ही फटाफट 3 कैब मे निवेश कर दिया। क्योंकि उसको आगरा के गार्डन संजय प्लेस में एक जोरदार स्वागत किया गया। यह घटना 2018 दिसंबर की है ।

शिवम कुमार सिंह नें नोनहरा पुलिस को लिखे एक पत्र में इसका जिक्र किया है। शिवम कुमार सिंह पुत्र जयप्रकाश सिंह निवासी गांव रसूलपुर अहमद मठलहचक पोस्ट नोनहरा जिला गाजीपुर उ0प्र0। उन्होेने जितेन्द्र सिंह जो कि टापराइड कंपनी के मालिक है उस पर ठगी और धोखाधड़ी कर पैसे ऐठने का मामला दर्ज कर कारवाही का मांग किया है। जितेन्द्र सिंह, पुत्र श्री पुरन सिंह मकान नंबर 119 पश्चिमपुरी ख्याति हास्पिटल के सामने सिकन्द्रा आगरा का रहने वाला है।

जो अभी तक न जाने कितने भोले-भाले निवेशकों के जीवन के जमा पुंजी लूटकर अपने अय्याशी पर लूटा रहा है। अपने प्रमोटर्स को महंगे गिफ्ट देकर उसका मुंह बंद कर दिया है। प्रदेश के सरकार भी खामोश है। देश के नंबर वन कहलाने वाली यूपी पुलिस के नाक के नीचे नटवरलाल ये सारा खेल खेल रहा है। टापराइड ग्लोबल सर्विस भले ही विजनेस में नंबर वन न हो लेकिन धोखाधड़ी में किसी से पीछे भी नही है। क्योंकि हजारों निवेशकों के करोड़ो का धोखाधड़ी है बाईक बोट की तरह।

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