गाजा में बमबारी से अल जजीरा मिडिया हाउस तबाह

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मकान पर हवाई हमला से सात फलीस्तीनी आतंकी मारे गये। सेना पर लगा हमास को फंसाने का आरोप। 160 लड़ाकू विमानों नें जमकर किया बमबारी, लगभग 40 मिनट में 80 टन विस्फोटक गिराए। हमले में अभी तक 126 लोगों की मौत की पुष्टि। इजराइल में मारी गयी भारतीय महिला के शव लाया गया भारत।

इजराइल और फिलिस्तीन चल रहे खुली जंग पर दुनिया भर का नजर तो है लेकिन कोई भी इसे रोकने की पहल नही करना चाहता है। बजाय इसके कि खुनी संघर्ष को रोका जाये , पाकिस्तान और ईरान जैसे देश इसमें टमाटर फेकने में लगे है। मिसाईल फेकने की औकात तो है नही। क्योकि जो टमाटर नही खरीद सकता है वह मिसाईल कहाँ से लाये। पूरी इस्लामिक देश एकजुट होकर इजराइल को हराने की कवायद शुरु तो कर दिया है लेकिन , पहले आप और पहले आप की कहानी शुरु हो चुकी है। क्योंकि इजराइल वो देश है जिसनें पहले भी इस्लामियों को दबाकर पीटा है।

इजराइल की माने तो वो बड़ा कठोर देश है। पाकिस्तान के नाचने वाली नोरा फतेही ने तो उस इजराइल को आतंकवादी देश भी कह दिया है। नोरा कहती है, इजराइल कोई देश थोड़े ही है, इजराइल तो एक मिलिट्री कैंप। नोरा ये बताने से चुक गयी कि आखिर जिसने इजाराइल पर 2 हजार राकेट दागे वो कौन है, जाहिल या फिर मजहबी जिहादी ? इस्लाम क्या है ? इस्लाम भी तो एक रेजिमेंटियल मजहब है ? आखिर 14 सौ साल की इतिहास क्या बता रहा है। किस प्रकार से इस्लामिक आतंकियों नें दुनिया भर में आतंक मचा रखा है।

गाजा में शनिवार को इजरायली हवाई हमले में 12 मंजिला इमारत (गाजा टावर) ध्वस्त हो गई। बताया जा रहा है कि इसी टावर में एसोसिएट प्रेस (एपी) , अलजजीरा समेत अन्य मिडिया संस्थानों के कार्यालय थे। इसी ईमारत से हमले की रिपोर्टिंग भी की जा रही थी। इसमें अलजजीरा के कई पत्रकार के घायल होने की खबर भी है।

इमारत खाली कराने के सेना के आदेश के एक घंटा बाद इस बहुमंजिला इमारत पर हमला कर दिया गया जहाँ पर हमास का दफ्तर भी था। अब सवाल तो यह भी उठता है कि एक जगह पर मिडिया और आतंकवादी का रहना क्या यह कहने के लिए पर्याप्त नही है कि यह आतंकवादी मिडिया चैनल था जिस पर इजराइल ने हमला कर दिया।

हमले मे इमारत पूरी तहर से जमींदोज हो गया। ईमारत के मालिक नें पहले ही इसे खाली कराने को लेकर वहाँ के कर्मचारियों को सुचना दे दी थी। गाजा के घनी आबादी वाले शरणार्थी शिविर पर इजराइली हमले के कुछ घंटे के बाद ही इसको निशाना बनाया गया।

एपी के अध्यक्ष और सीओ गैरी प्रुईट का कहना है यहाँ पर एक दर्जन से ज्यादा पत्रकार थे जो कि फ्रि लांस करते थे। लेकिन हमला करके उनको परेशान किया गया। लेकिन गैरी ने यह नही बताया कि इसी बिल्डिंग में हमास के सैकड़ो आतंकी भी रहते थे। जब पंगा लिया है तबाही से तो तबाही तो आनी ही थी। गैरी ने बताया कि इससे एक दिन पहले रात भर टैंको से हमला किया गया था।

इजराइली सेना के मुताबिक इस अभियान में अभी तक 160 युद्धक विमानों का प्रयोग किया गया। जिससे लगभग 40 मिनट में जिहादियों पर 80 टन बारुद गिराये गये है और उनके सुरंगो का जाल नष्ट कर दिया जिसका इस्तेमाल हमास करता था।

गाजा में अभी तक 126 लोगों की मौत की पुष्टि की गयी है जिनके पास आधार कार्ड था, बिना आधार कार्ड वालों की कोई गिनती नही है। यह सिर्फ फिलिस्तीन में ही नही पूरी दुनिया की हालत है जहाँ पर लगभग 25 प्रतिशत बिना आधार कार्ड के है और जिहाद के कारोबार में शामिल है।

गाजा पट्टी में जारी हिंसा में अब तक 30 स्कूलों को भी नुकसान पहुँचाया गया है। अब यह बात तो बताना कठिन है कि यह स्कूल था या मदरसा। क्योंकि युद्ध कि शुरुआत तो मदरसा छापों ने किया है जिसका जबाब स्कूल वाले दे रहे है और गुरुकुल वालों का इसमें अभी तक कोई भूमिका सामने नही आया है। हाँ अगर मदरसा छापों ने ज्यादा एकता दिखाने की कोशिश किया तो गुरुकुल वाले भी तैयार बैठे है। ऐसे भारत के लिवरल कई दिनों से आंसू बहा रहे है और अब तक उनके आंख भी पानी भी सुख गये है। शर्म तो था ही नही पानी भी नही रहा। मोदी जी के जल संरक्षण अभियान की सबसे बड़ी विफलता भी यही है।

इसी बीच सेना पर हमास को फंसाने का आरोप भी लगाया जा रहा है। कुछ इजराइली पत्रकार कह रहे है कि इजराइली सेना नें मिडिया का इस्तेमाल करके हमास को अपने जाल में फंसा लिया। जिसके कारण हमास के दर्जनों आतंकी मारे गये।
दरअसल इजराइली सेना ने मिडिया के लिए एक ब्यान जारी किया कि इजराइली वायु एवं थल सेना गाजा पट्टी पर हमला कर रहे है। इस संक्षिप्त ब्यान नें एक अटकलों को जन्म दिया कि इजराइल के सेना ने गाजा पर जमीनी हमला कर दिया है। इसकों देखेते ही देखते सभी आतंकी सुरंग में चला गया। इसी का फायदा उठाकर सेना ने बंकर की जाल को नष्ट कर दिया जिससे सैकड़ों आतंकी 72 हूरों को पास भेज दिये गये।

फिलिस्तीन दुनिया भर के भीख मांगने वाली एक आतंकी संगठन है जिसे भारते के पुर्वर्ती सरकार भी चंदा देती रही है। उसके पास खाने के लिए , शिक्षा के लिए , अस्पताल के लिए पैसे नही है लेकिन 2 हजार राकेट छोड़ सकता है। लेकिन जाहिल को पता नही है कि जिस पर तुने राकेट छोड़ा है उसे वो आकाश ताड़ा पटाखा समझकर उड़ा दिया।

ऐसे आजकल कोरोना के कारण आसमान बिल्कुल साफ है, आसमान से 72 हूरें बुला रही थी, तो मैने कहा भाई मै तो काफीर हूँ , किसी भाई जान को बुला लो।

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जय श्री राम , वंदे मातरम , जय हिंद।

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