दुबई में हिंदु लड़कियों के हालात पर अशोक भारती की रिपोर्ट

दुबई में हिंदु लड़कियों के हालात पर अशोक भारती की रिपोर्ट

(जो लव जिहाद के नाम पर बर्बाद हुई है )

मैंने लड़कियों से बात करने के प्रयास जारी रखे। कई बार मंदिर में उनसे भेट भी हुई पर आखरी 5 महीने बाद उसी पठान ड्रावर ने नीग्रो को कुछ पैसे देकर बात करने पर राजी किया। और हमारी भेट एक भारतीय रेस्टोरेंट सागर रत्ना में हुई। सभी लड़कियां भारत के अलग अलग भागों से, अच्छे परिवारों से हैं और सभी ने अपने परिवार से विद्रोह करके अपने मुस्लिम प्रेमी से विवाह किया था और कुछ महीने प्रेमी के साथ बिताने के बाद दुबई घूमने आये थे। और लड़के ने उन्हें पैसे के लालच के कारण नाचघर में बेच दिया था। कुछ ने बताया कि उनका मुस्लिम पति दुबई में ही जॉब करता है और साथ रहने के लिए आई थी पर यहाँ बेच दिया गया।

3 लड़कियां तो एक ही मुस्लिम लड़के से अलग अलग स्थानों पर विवाह कर के यहाँ बेची गईं थीं। इनके अलावा भी बहुत सी लड़कियां हैं जो अलग अलग होटलों, नाच घरों में नरक भोग रही हैं। अधिकतर लड़कियों ने बताया कि उन्होंने बड़ा अपराध किया। और उसकी सजा के रूप में नरक भोग रही हैं। मैंने उन्हें वापिस भारत अपने घर लौटने के लिए कहा तो सब ने मना कर दिया।

अब उनके लिए भारत में कुछ नहीं है, “हम न तो परिवार और समाज को अपना मुँह दिखाने लायक रही और न हमारे पास कोई दूसरा जरिया है जिससे अपने रहने खाने की व्यवस्था हो सके, अब तो इसी नरक में ही रहना है और फिर भगवान् जाने क्या होगा जब आयु ढल जाएगी” सभी लड़कियों ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की थी।

कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही प्यार हुआ और विवाह किया था। वैसे तो पूरे भारत से लड़कियां इस इस्लामी जिहादी जाल में फसती आई हैं पर सबसे अधिक उत्तराखंड से आई हुई थी। एक लड़की तो दिल्ली के पंजाबी सरकारी अफसर की बेटी थी। और सब लड़कियां हिन्दू स्वर्ण समाज से ही थीं। वैसे नाम के लिए तो ये सभी लड़कियां बार में नाचने का कार्य करती थीं पर बार में आने वाले ग्राहकों को खुश रखने के लिए देह व्यापर करने पर भी बाध्य थीं।

मेरे बहुत अधिक आग्रह करने पर दिल्ली की दो लड़कियाँ अपने परिवार का पता और फोन नंबर देने पर राजी हुईं। मैंने उन्हें समझाया था, कि मैं अपनी और से प्रयास करूँगा कि आपका परिवार आपको स्वीकार करे और आप इस नर्क से निकल कर वापिस भारत अपने परिवारों के साथ रहें। मैं दिल्ली में उनके परिवारों से मिलने के लिए गया। और उनकी बेटी की स्थिति से अवगत कराया पर दोनों के परिवार नहीं चाहते कि लड़कियां वापिस आएं। वे अब उनके लिए मर गई हैं। हाँ शायद मर गई हैं। आत्मा तो मर ही गई है। पर देह जीवित है।


शेयर जरूर करें ताकि मुस्लिमों के नकली प्रेम जाल में फंसने वाली हिंदू लड़कियों की आंखें खुल सके

  • जय हिन्द 🚩 वतन की आवाज से
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

%d bloggers like this: