newszine

अनमोल खजाना

2 days ago vatan 0
एक बार एक महात्मा को मार्ग में पड़ा कुछ धन मिल गया। उन्होंने निश्चय किया कि वे यहधन सबसे निर्धन व्यक्ति को दान कर देंगे। फिर महात्मा जी सबसे निर्धन व्यक्ति कीतलाश में निकल पड़े। परंतु उन्हें कोई ऐसा सुपात्र व्यक्ति नहीं मिला जो अपनीआजीविका चलाने में सक्षम न हो इस प्रकार कई दिन बीत Read More

क्षमा

2 days ago vatan 0
पितामह का उपदेश सुनकर पराशर ने राक्षस-सत्र समाप्त कर दिया। उसी समय राक्षसों केकुलपुरूष महर्षि पुलस्त्य ने प्रकट होकर कहा,”पुत्र! क्षमा ग्रहण करके तुमने वैर को भुलादिया है। यह तुम्हारे कुल की मर्यादा के अनुरूप है। मैं आशीर्वाद देता हूं कि तुमशम्त्रों के ज्ञाता बनकर विष्णु पुराण की रचला करोगे।“ Read More

तीन डाकू

2 days ago vatan 0
काफी समय पहले की बात है। एक यात्री जंगल से गुजर रहा था तभी तीन डाकुओ ने उसे घेर लिया और उसका रुपया पैसा सब लूट लिया। एक डाकू बोला,”अब इस आदमी को जीवित छोड़ देने से क्या लाभ?”यह कहकर वह उस यात्री को मारने के लिए तलवार लेकर उस पर झपटा। तब दूसरे डाकू Read More

सोच में बदलाव

3 days ago vatan 0
दो मरीज अस्पताल के एक ही कमरे में अपने-अपने बिस्तरों पर लेटे थे। दोनों गंभीर रूप से बीमार थे ,और उन्हें ज्यादा मनोरंजन की अनुमति नहीं थी। वे बिस्तर से नहीं उठ सकते थे। एक मरीज को खिड़की के पास वाला बिस्तर मिला था। लेकिन उसे डाँक्टर का निदेंश था कि वह एक धंटे से Read More

साहित्य में मन की दर्पण होते है ।

3 days ago vatan 0
💎 परमात्मा 💎 साहित्य में मन को दर्पण की उपमा दी जाती है और दर्पण का लक्षण होता है जो सामने हो उसका प्रतिबिंब दिखाना । 🍒 वर्षों से हम लोग मन रूपी दर्पण को लेकर सत्संग में बैठते हैं फिर भी ठाकुर जी का प्रतिबिंब दिखाई नहीं देता । दर्पण के अंदर तीन अवस्था Read More

यह संसार एक कीचड़ है

2 weeks ago vatan 0
*आज का प्रेरक प्रसंग* 👇🏽👇🏽👇🏽👇🏽👇🏽👇🏽 *.शाम ढलने वाली थी उसी समय  एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है। वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा।* *दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब Read More

श्राद्ध और श्रद्धा

4 weeks ago vatan 0
संत एकनाथ मानवता, दया और करूणा के पक्षधर थे। एक बार कि बात हैं कि उनके घर में श्राध्द था और श्राध्द के निमित्त विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जा रहे थे। सारा वातावरण  व्यंजनों की सुगंध से महक रहा था। तभी एक निर्धन परिवार वहां से गुजरा। उस परिवार में माता-पिता और चार छोटे Read More