योद्घा की 75 वर्ष बाद अस्थियां वतन आई

द्वितीय विश्व युद्घ के योद्घा अमर शहीद हरिसिंह की 75 वर्ष बाद अस्थियां वतन आई

— कृषि मंत्री औम प्रकाश धनखड़ ने जिला सैनिक बोर्ड में किया शहीद हरि सिंह को नमन

–हमें अपने वीरों की बहादुरी पर गर्व, दुनिया भर में प्रदेश के वीर सैनिकों ने अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया

मॉडर्न हरियाणा न्यूज – झज्जर,

द्वितीय विश्व युद्घ के योद्घा शहीद सिपाही हरि सिंह की अस्थियां इटली से सोमवार को सेना की टीम जिला सैनिक बोर्ड झज्जर लेकर पंहुची। अमर शहीद हरि सिंह
की शहादत के लगभग 75 वर्ष उपरांत अस्थियां वतन आई हैं। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री औम प्रकाश धनखड़ ने प्रथम विश्व युद्घ के अमर शहीद वीर योद्घा सिपाही हरिसिंह की अस्थियों पर पुष्प अर्पित करते हुए नमन किया। कृषि मंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों की बहादुरी पर गर्व है और रहेगा। प्रथम व द्वितीय विश्व युद्घों में भारतीय विशेष कर हरियाणा के वीरों सैनिकों ने दुनिया भर में अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है। दुनिया भर में वीर सैनिकों की स्मृति में युद्घ स्मारक स्थापित किए गए, शायद ही ऐसा कोई युद्घ स्मारक हो जहां पर भारतीय खासकर हरियाणा के वीर सैनिकों की बहादुरी की गाथा अंकित न हो।
— वीरों की शहादत को अमर बनाने के लिए सरकार कृत सकंल्प
कृषि मंत्री औ पी धनखड़ ने कहा कि हमारे वीर सैनिक हमारी याद में रहें , इसलिए प्रत्येक गांव में ग्राम गौरव पट्ïट स्थापित किए गए हैं। प्रथम विश्व युद्घ में
विक्टारिया क्रास विजेता बदलुराम में अपनी बहादुरी का परिचय दिया,और उनकी अस्थियां वे स्वयं मिश्र से 98 वर्ष बाद लाने में सफल रहे थे। उनकी स्मृति में स्मारक स्थापित किया जा रहा है। धनखड़ ने कहा कि प्रत्येक शहीद की स्मृति को अमर बनाने के लिए प्रदेश सरकार कृत सकंल्प है। कृषि मंत्री ने कहा कि नौगामा के अमर शहीद हरि सिंह ने पूरी दुनिया में अपनी बहादुरी की बदौलत प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। हमें शहीद हरिसिंह की शहादत पर नाज है। हम शहीद हरिसिंह की शहादत को अमर बनाएंगे,ताकि युवा पीढ़ी को देश भक्ति की प्रेरणा मिलती रहे।
—- मात्र साढ़े 17 वर्ष आयु में हुए सेना में भर्ती
अमर शहीद हरि सिंह मात्र साढ़े 17 वर्ष की आयु में 25 मार्च 1942 को सेना की 4/13 एफएफ राइफल में भर्ती हुए थे। सिपाही हरिसिंह 13 सितंबर 1944 को इटली के पोगियो एल्टो बैटल में शहीद हुए। वर्ष 1966 में युद्घ के दौरान शहीद हुए सैनिकों की जांच शुरू हुई, और डीएनए व अन्य जांच के आधार पर 2012 में यह पाया गया कि यह गैर यूरोपियन सैनिक हैं और इनकी शहादत के समय इनकी आयु लगभग 21 वर्ष रही होगी। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और वर्ष 2017 जांच दल इस निष्कर्ष पर पंहुचा कि यह दोनों वीर योद्घा भारत में हरियाणा प्रदेश के सिपाही हरि सिंह व सिपाही पालुराम हैं। इनके परिवारों से सहमति लेकर इन दोनों वीर सैनिकों का अंतिम संस्कार धार्मिक रीति रिवाज के साथ इटली में गिरोनई में किया गया और गिरोनई युद्घ स्मारक पर इनके नाम अंकित किए गए।
— एयर वाईस मार्शल की टीम इटली से लाई अमर शहीद की अस्थियां
दिल्ली एयरपोर्ट से अमर शहीद हरि सिंह की अस्थियां लेकर पंहुचे सेना के सुबेदार जगरत्न ने बताया कि नैशनल डिफेंस कॉलेज की टीम एयर वाइस मार्शल बकुल उपाध्याय के नेतृत्व में इटली गई । सेना के उच्चाधिकारियों की टीम अमर शहीद सिपाही हरि सिंह और हिसार से अमर शहीद सिपाही पालुराम की अस्थियां पूरे सैनिक सम्मान के साथ इटली से लेकर आई है। दोनों अमर शहीदों की अस्थियों को उनके परिजनों को सोमवार को सौंपने का कार्यक्रम बनाया । सेना की टीम ने झज्जर उपमंडल के गांव नौगामा पंहुचकर अमर शहीद हरि सिंह की अस्थियों को उनके परिजनों को पूरे सम्मान के साथ सौंपा।
— भतीजे रणसिंह,भीम सिंह व पौते नवीन को सौंपी अस्थियां
सेना की टीम ने अमर शहीद हरि सिंह की अस्थियां उनके परिवार में भतीजे रण सिंह व भीम सिंह और नौ सेना में सेवारत उनके पौते नवीन को विधि विधान से
सौंपी गई। इस दौरान प्रशासन की ओर से बीडीपीओ पृमेंद्र सिंह और जिला सैनिक बोर्ड सचिव रिटायर्ड कर्नल ए एस यादव उपस्थित रहे। इससे पहले जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय स्थित शहीदी स्मारक प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री औम प्रकाश धनखड़, पूर्व मंत्री कांता देवी, भाजपा नेता रमेश बाल्मीकी, सेना व पुलिस के जवानों ने अमर शहीद के अस्थियों पर पुष्प अर्पित कर सेल्यूट किया और अपनी श्रद्घाजंलि अर्पित की।

फोटो कैप्शन: जिला सैनिक बोर्ड स्थित शहीदी स्मारक पर अमर शहीद हरिसिंह की अस्थियों पर पुष्प अर्पित करते हुए प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री औम प्रकाश धनखड़ । (03फोटो नंबर एक)

फोटो कैप्शन: जिला सैनिक बोर्ड स्थित शहीदी स्मारक पर अमर शहीद हरिसिंह की अस्थियों को सेल्यूट करते हुए प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री औम प्रकाश धनखड़

फोटो कैप्शन: झज्जर उपमंडल के गांव नौगामा में परिजनों को द्वितीय विश्व युद्घ के योद्घा शहीद हरिसिंह की अस्थियां सौंपते हुए सेना की टीम साथ में जिला सैनिक बोर्ड सचिव रिटायर्ड कर्नल ए एस यादव ।

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