मुंबई में लगातार दूसरे सप्ताह जनजागरण पदयात्रा का आयोजन*

3 months ago vatan 0

मुंबई में लगातार दूसरे सप्ताह जनजागरण पदयात्रा का आयोजन*
मुंबई,12अगस्त 2018: विगत दिनों वैदेही सेवा संस्था द्वारा दहेज विरोध,नारी एवं बालिका शिक्षा एवं सशक्तिकरण एवं बालिका भ्रूण हत्या के विरोध में आयोजित जनजागरण पदयात्रा की बहुत ही सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया मुंबई मैथिल समाज में देखी जा रही है।मुंबई के विभिन्न स्थानीय क्षेत्रों में यह पदयात्रा चर्चा का विषय बना हुआ है।

जनजागरण के  इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए संस्था के महाराष्ट्र प्रदेश इकाई ने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनिल मिश्र तथा लोकप्रिय मैथिल रंगकर्मी एवं महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष श्री फूल चंद्रकांत झा की अगुवाई में लगातार दूसरे सप्ताह पदयात्रा का आयोजन किया।इस पदयात्रा में 40 से अधिक  गणमान्य  समाजसेवियों और मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के सुप्रसिद्ध मैथिल रंगकर्मियो़ एवं कलाकारों ने विपरीत मौसम के होते हुए भी पूरे उत्साह से हिस्सा लिया और करीबन 2000 लोगों से संपर्क साधा।  इनमें शामिल थे:-श्री संपति झा प्रधानाचार्य जी,प्रोफेसर कृष्ण कुमार झा,मिथिला दर्पण के श्री दीपक झा,फिल्म अभिनेता श्री ललितेष झा,फिल्म अभिनेता श्री राजीव सिंह,फिल्म अभिनेता श्री संजय झा ,श्री अनिल मिश्र रहिका,श्री तिलक चौधरी,श्री भवेश झा,श्री सुनील मिश्र,लोकप्रिय गायक श्री अजित निराला,श्री बिकू झा , श्री सुनील झा,श्री संजय झा(II),श्री कृष्ण कुमार झा पत्रकार ,श्री ललित झा,श्री भगवान मिश्र,श्री उदय झा,श्री विरेंद्र झा,श्री संतोष राय,श्री रामबाबू झा,श्री उपेंद्र सिंह,श्री रोशन झा,श्री दिलीप झा,श्री सुधीर झा,श्री अंजनी ठाकुर,श्री मुखिया जी,श्री संदीप लक्ष्मण, श्री सतीश झा,श्री प्रवीण झा,श्री नवीण झा,श्री अमरकांत झा,श्री जय चौधरी, श्री शिवम् चौधरी,श्री विवेक जी,श्री ललन कुमार जी,श्री ओमप्रकाश झा,श्री हीरालाल चौधरी,श्री रोहित पांडेय,श्री अजय सिंह,श्री अशोक ठाकुर, श्री इंद्रकांत झा,श्री पंकज झा,श्री प्रकाश चंद्र मिश्रा श्री आदि ।
शुरुआती कुछ धंटों तक पदयात्रा के पश्चात मौसम में खराबी के कारण लोगों ने संगोष्ठी करने का फैसला किया । तदनुसार स्थानीय राम-जानकी मंदिर में पदयात्रियों की संगोष्ठी शुरु हुई।
उपस्थित महानुभावों ने संस्था की गतिविधियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए अपने सामाजिक दायित्व के रूप में  इसके विचारों,कार्यक्रमों और उद्देश्य के प्रसार में हरसंभव सहायता का संकल्प लिया।
अध्यक्षीय विचार रखते हुए श्री फूल चंद्रकांत जी ने संस्था के कार्यक्रम और उद्देश्यों पर चर्चा की और अभियान में हिस्सा लेने के लिए सभी का आभार प्रकट किया।
श्री अनिल मिश्र का कहना था कि हमें सुमेलित विवाह पर जोर देने की आवश्यकता है जो केवल दहेज ही नही अन्य कई वैवाहिक समस्याओं से परिवार को बचा सकता है।उन्होंने जनजागरण हेतू पदयात्रा एवं रथयात्रा जैसे प्रत्यक्ष संपर्क वाले कार्यक्रमों के महत्व पर चर्चा करते हुए इसके परिणाम से लोगों को अवगत कराया। श्री मिश्र ने दहेज मुक्त विवाह हेतू बायोडाटा संकलन की प्रक्रिया, वैदेही घटकैती मंच की कार्यप्रणाली आदि से भी लोगों को अवगण कराया।
श्री संपति झा ने बालिका शिक्षा के महत्व  और उसके सकारात्मक पारिवारिक-सामाजिक परिणामों की ओर इशारा करते हुए दहेज के खिलाफ एक हथियार के रुप में इसके व्यावहारिक महत्व पर जोर दिया। श्री झा ने दहेज के लालच को बिलंब से होने बाली शादी का एक कारण बताया।
प्रो. कृष्ण कुमार झा ने दहेज के कारणों की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने नव वधुओं में संस्कार-विचार के होने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विवाहोत्तर सुखी पारिवारिक जीवन के लिए यह परम आवश्यक है।उन्होंने बदलते परिवेश में मैथिलों के बीच अंतर्जातीय विवाह के विभिन्न कारणों की चर्चा करते हुए इससे बचने की सलाह दी।प्रो. झा ने समाज में दहेज पर खुली और व्यापक चर्चा द्वारा इस कुप्रथा पर अंकुश लगाने का सुझाव दिया। प्रो. झा ने संस्था द्वारा वैदेही घटकैती मंच के माध्यम से बायोडाटा संकलन के महत्व और आवश्यकता और उसके सफल- सकारात्मक परिणामों से उपस्थित जनों को अवगत कराया।
सुप्रसिद्ध मैथिली फिल्म “सस्ता जिनगी महग सेनूर” के लोकप्रसिद्ध कलाकारों श्री ललितेश झा और श्री राजीव सिंह ने भी अपने बहुमूल्य विचारों से लोगों को अवगत कराया।
श्री सिंह ने लड़कियों को सुशिक्षित करने पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें इतना पढाइए कि लड़का पक्ष की दहेज मांगने की हिम्मत ही न हो । श्री सिंह ने अनावश्यक सामाजिक आडंबरों पर रोक लगाने की जरुरत पर भी बल दिया जो कई बार लोगों के आर्थिक विपन्नता का कारण बन जाता है।
“सस्ता जिनगी महग सेनूर”जैसी सुपरहिट मैथिली फिल्म के नायक श्री ललितेश झा ने समाज का, स्पष्ट संदेश देते हुए, आह्वान किया कि दहेज को लेन-देन का व्यवसाय बनाने से बचें। श्री झा ने कथनी-करनी में समानता पर जोर देते हुए कहा कि हम सिर्फ़ सिद्धांतों में आस्था न व्यक्त करें बल्कि उस पर अमल भी करें,उसे व्यवहार में भी लाएं ,तभी कोई आंदोलन-अभियान सफल हो सकता है।उन्होंने विवाह के दौरान किसी भी पक्ष द्वारा रखे जाने वाले किसी भी प्रकार के पूर्व-शर्त की आलोचना की।
नवोदित लोकप्रिय गायक श्री अजित निराला ने दहेज से संबंधित अपना निजी अनुभव सुनाते हुए कहा की कई मामलों में कन्यागत पक्ष द्वारा लड़के को आर्थिक ताकत से खरीदे जाने का प्रयास भी दहेज की आग में घी का काम करता है। श्री निराला ने दहेज पर कुछ गीत गाकर भी लोगों तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की।
संगोष्ठी के अंत में श्री अनिल मिश्र ने सभी अभियानियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अगली पदयात्रा की बहुत जल्दी घोषणा किए जाने की बात कही।

मनीष चौधरी
वैदेही सेवा संस्था

Please follow and like us: